महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का खतरा: नया शोध बताता है कारण

हाल ही में एक अध्ययन ने मिशनरी पोजीशन में यौन संबंध बनाने वाली महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को 99% बढ़ाने का खुलासा किया है। शोध में 10,000 महिलाओं का डेटा शामिल था, जिसमें HPV वायरस को मुख्य कारण बताया गया है। जानें इस स्थिति से जुड़े खतरे, पहचान के संकेत और डॉक्टरों की सलाह के बारे में। यह जानकारी महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
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महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का खतरा: नया शोध बताता है कारण

महिलाओं के स्वास्थ्य पर नया शोध

महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का खतरा: नया शोध बताता है कारण


हाल ही में एक अध्ययन ने महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय प्रस्तुत किया है। शोधकर्ताओं ने यह पाया है कि मिशनरी पोजीशन में यौन संबंध बनाने वाली 99% महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है। यह अध्ययन "जर्नल ऑफ वीमेन्स हेल्थ रिसर्च" में प्रकाशित हुआ है और इसे कई विशेषज्ञों द्वारा मान्यता प्राप्त है।


शोध के निष्कर्ष

इस अध्ययन में 10,000 महिलाओं के डेटा का विश्लेषण किया गया। परिणामों से पता चला कि मिशनरी पोजीशन का अधिक उपयोग करने वाली महिलाओं में कैंसर का खतरा 99% अधिक था। HPV वायरस को इस स्थिति का मुख्य कारण बताया गया है।


कैंसर का खतरा क्यों बढ़ता है?

गर्भाशय ग्रीवा पर दबाव


इस यौन स्थिति में पुरुष का गहरा प्रवेश गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं पर लगातार दबाव डालता है, जिससे सूक्ष्म चोटें हो सकती हैं, जो बाद में कैंसर कोशिकाओं में परिवर्तित हो सकती हैं।


HPV वायरस का संक्रमण


यदि पुरुष साथी HPV से संक्रमित है, तो गहरे प्रवेश के दौरान यह वायरस सीधे गर्भाशय ग्रीवा तक पहुँच सकता है, जो सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है।


हार्मोनल असंतुलन


गहरे प्रवेश और अत्यधिक यौन गतिविधि से एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे कोशिकाओं का अनियंत्रित विभाजन बढ़ता है।


खतरे के संकेत कैसे पहचानें?

असामान्य रक्तस्राव


मासिक धर्म के अलावा रक्तस्राव होना या संबंध के बाद खून आना।


पेल्विक दर्द


पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द या संबंध बनाते समय तेज दर्द होना।


असामान्य स्राव


सफेद, पीले या हरे रंग का डिस्चार्ज या दुर्गंधयुक्त स्राव।


डॉक्टर्स की सलाह: खतरे से कैसे बचें?

सेफ सेक्स प्रैक्टिस अपनाएं


कंडोम का उपयोग करें ताकि HPV और अन्य यौन संचारित रोगों का खतरा कम हो। नियमित STD टेस्ट करवाना भी आवश्यक है।


वैकल्पिक पोजिशन्स का उपयोग


वुमन ऑन टॉप या साइड बाय साइड जैसी पोजिशन्स का उपयोग करें, जो गर्भाशय ग्रीवा पर कम दबाव डालती हैं।


नियमित स्क्रीनिंग और वैक्सीन


हर 3 साल में पैप स्मीयर टेस्ट करवाएं और HPV वैक्सीन (Gardasil 9) लगवाएं, जो 9 प्रकार के HPV से सुरक्षा प्रदान करती है।


सावधानी ही बचाव है

यह अध्ययन महिलाओं के लिए एक गंभीर चेतावनी है। कैंसर के खतरे को कम करने के लिए सुरक्षित यौन प्रथाओं का पालन करना और नियमित जांच करवाना अत्यंत आवश्यक है। यदि कोई असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।