महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण पर संसद में महत्वपूर्ण चर्चा

आज भारतीय संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण पर महत्वपूर्ण चर्चा होने जा रही है। इस चर्चा के बाद शाम को एक ऐतिहासिक मतदान होगा। सरकार ने इस संबंध में तीन विधेयक पेश किए हैं, जिन पर विपक्षी दलों ने अपनी चिंताएँ व्यक्त की हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी दलों से इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की है। जानें इस विधेयक के महत्व और इसके संभावित प्रभाव के बारे में।
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महिलाओं के आरक्षण पर ऐतिहासिक चर्चा

आज भारतीय संसद के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन है। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण से संबंधित संशोधनों पर चर्चा आज, शुक्रवार को पूरी होगी, जिसके बाद शाम 4:00 बजे एक ऐतिहासिक मतदान होगा। सरकार ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने के लिए 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026', 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' को बृहस्पतिवार को पेश किया था। इन विधेयकों पर बृहस्पतिवार रात एक बजकर 20 मिनट तक चर्चा हुई, और शुक्रवार सुबह इसे आगे बढ़ाया जाएगा।


विपक्ष की चिंताएँ

विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन कर अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि महिला आरक्षण को परिसीमन से मुक्त करके 2029 से लोकसभा की वर्तमान संख्या 543 के आधार पर लागू किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की है, यह कहते हुए कि जो इसका विरोध करेंगे, उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।


प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण

मोदी ने इन विधेयकों पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि इस मुद्दे को राजनीति के तराजू से नहीं तौलना चाहिए और वह विपक्षी दलों को भी इसका श्रेय देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने परिसीमन से संबंधित कुछ सदस्यों की चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि पहले हुए परिसीमन के अनुपात में कोई बदलाव नहीं होगा और सीटों की संख्या उसी अनुपात में बढ़ेगी।


महिला आरक्षण अधिनियम 2023 का कार्यान्वयन

इस बीच, महिला आरक्षण अधिनियम 2023 बृहस्पतिवार से लागू हो गया है। केंद्रीय विधि मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है। संसद में इस कानून में संशोधन करने और इसे 2029 में लागू करने पर चर्चा के बीच, 2023 के अधिनियम को 16 अप्रैल से लागू किया गया।