महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर दिल्ली की मुख्यमंत्री का जोरदार बयान
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को विपक्ष पर महिलाओं को विधानसभाओं में प्रवेश से रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगी। यह बयान उस समय आया जब भाजपा सरकार लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित करने में असफल रही। गुप्ता ने विपक्षी दलों पर महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व से वंचित करने का आरोप लगाया। इस बीच, भाजपा ने विपक्ष के खिलाफ देशव्यापी विरोध अभियान की घोषणा की है।
| Apr 18, 2026, 12:25 IST
महिलाओं के अधिकारों की रक्षा का संकल्प
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे महिलाओं को विधानसभाओं में प्रवेश से रोकने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाएं संसद और राज्य विधानसभाओं में अपने प्रतिनिधित्व के लिए संघर्ष जारी रखेंगी। महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा करते हुए गुप्ता ने कहा कि विपक्ष ने पहले से ही तय कर लिया था कि वे महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में नहीं पहुंचने देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दल भारत की लगभग आधी आबादी वाली महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के लिए तैयार नहीं हैं।
गुप्ता ने कहा कि ये लोग नहीं चाहते कि करोड़ों महिलाएं सदन में पहुंचें। उन्होंने अपने अधिकारों को पाने के लिए महिलाओं के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि हम अपने अधिकार जरूर हासिल करेंगे। यह बयान उस समय आया जब भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत प्राप्त करने में असफल रही। इस विधेयक का उद्देश्य परिसीमन के माध्यम से महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना था। मतदान के दौरान 298 सदस्यों ने विधेयक का समर्थन किया, जबकि 230 ने इसका विरोध किया, जिससे विधेयक हार गया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पुष्टि की कि विधेयक संवैधानिक बहुमत प्राप्त न कर पाने के कारण पारित नहीं हो सका। सरकार ने परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक सहित तीन संबंधित विधेयक पेश किए थे, लेकिन संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बाद में कहा कि शेष विधेयकों पर आगे विचार नहीं किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इससे पहले विपक्षी दलों पर संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रयास को रोकने का आरोप लगाया था।
राहुल गांधी सहित विपक्षी नेताओं ने महिला आरक्षण का समर्थन किया, लेकिन परिसीमन से इसे जोड़ने का विरोध किया और इसे भारत की चुनावी संरचना को बदलने का प्रयास बताया। इस बीच, भाजपा और उसके राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन सहयोगियों ने शुक्रवार को विपक्ष को निशाना बनाते हुए देशव्यापी विरोध अभियान की घोषणा की। पार्टी के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने अपनी राज्य इकाइयों को सभी जिला मुख्यालयों पर समन्वित प्रदर्शन आयोजित करने का निर्देश दिया है।
