महिलाओं और किशोरियों के लिए सतत विकास का अनुभवात्मक भ्रमण
इंदौर में महिलाओं का अनुभवात्मक भ्रमण
इंदौर। जन विकास सोसायटी की 35 महिलाओं और 10 किशोरियों ने बापू गांधी नगर, स्कीम नंबर 140 और शिव-पार्वती नगर से जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट का भ्रमण किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और सतत आजीविका के व्यावहारिक पहलुओं को समझना था।
डॉ. जनक पलटा मगिलिगन (जनक दीदी) ने सभी प्रतिभागियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने बताया कि यह केंद्र उनके दिवंगत पति द्वारा स्थापित किया गया था, जिन्होंने सोलर और विंड पावर स्टेशन की स्थापना की थी, जिससे 50 आदिवासी परिवारों को मुफ्त स्ट्रीट लाइट की सुविधा मिलती है। 21 अप्रैल 2011 को एक सड़क दुर्घटना में उनके पति का निधन हो गया, लेकिन डॉ. जनक ने अपने पति की याद में इस कार्य को जारी रखा।
इस केंद्र में प्रतिभागियों ने जैव विविधता, वर्षाजल संचयन, जैविक खेती, सोलर कुकिंग और सोलर ड्रायर के उपयोग के माध्यम से स्वस्थ जीवन जीने के तरीके सीखे। उन्होंने औषधीय पौधों और देशी बीजों के संरक्षण के महत्व को भी समझा।
उन्हें रासायनिक मुक्त रंगों का प्रदर्शन भी दिखाया गया, जिसमें बोगनविलिया के फूलों से बने गुलाल और नीम-गोमूत्र से बने फिनाइल शामिल थे। डॉ. जनक ने बच्चों को मोबाइल फोन की लत से दूर रखने और उन्हें खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों में शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
डॉ. जनक ने अपने 41 वर्षों के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने भारत में अपने पति के साथ मिलकर 500 से अधिक आदिवासी गांवों में सतत विकास का कार्य किया।
जन विकास सोसायटी के निदेशक फादर शिनोज जोसेफ ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. जनक ने महिलाओं को स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर सतत आजीविका के अवसर विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
