महिला ने पति की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ाई

बस्ती में एक महिला ने अपने पति की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़कर प्रशासन को चुनौती दी। महिला ने कई बार शिकायतें की, लेकिन कार्रवाई न होने पर उसने यह अनोखा कदम उठाया। पुलिस ने महिला को सुरक्षित नीचे उतार लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और प्रशासन की प्रतिक्रिया।
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महिला ने पति की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ाई gyanhigyan

बस्ती में महिला का अनोखा विरोध

महिला ने पति की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ाई


बस्ती, उत्तर प्रदेश : जनपद बस्ती में एक महिला ने अपने पति की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़कर हड़कंप मचा दिया। जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। काफी प्रयासों के बाद, पुलिस ने महिला को सुरक्षित नीचे उतार लिया। यह घटना पूरे दिन क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही।


जानकारी के अनुसार, कछुआड़ गांव की निवासी मधु निषाद ने अपने पति अजीत कुमार के खिलाफ पहले से मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि, आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर महिला ने उच्चाधिकारियों से भी न्याय की गुहार लगाई, लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिली।


महिला का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। न्याय न मिलने के कारण, उसने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मोबाइल टावर पर चढ़ने का निर्णय लिया।


पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने महिला को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब वह नीचे नहीं आई, तो प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों को टावर पर चढ़ना पड़ा। कई घंटों की मेहनत के बाद, महिला को सुरक्षित नीचे लाया गया।


घटना के दौरान वहां बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। पुलिस ने महिला को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उसकी समस्याओं को सुना और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।


महिला ने कहा कि जब उसके सभी प्रयास विफल हो गए, तो उसे अपनी आवाज उठाने के लिए यह कदम उठाना पड़ा। इस घटना ने पुलिस कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


पुलिस ने महिला के पति अजीत कुमार को पूछताछ के लिए बुलाया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, मधु और अजीत ने 2023 में प्रेम विवाह किया था, लेकिन 2025 से उनके बीच विवाद चल रहा है।


पुलिस का कहना है कि महिला की शिकायतों और साक्ष्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि मामले का निष्पक्ष समाधान हो सके।