महिला क्रिकेट में बदलाव: ICC ने चैंपियंस ट्रॉफी की तारीखें बदलीं
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने हाल ही में महिला चैंपियंस ट्रॉफी 2027 की तारीखों में बदलाव किया है। यह टूर्नामेंट अब 14 से 28 फरवरी 2027 के बीच आयोजित होगा। इसके अलावा, ICC ने महिला उभरते राष्ट्र ट्रॉफी और महिला टी20 विश्व कप 2028 के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। जानें इन बदलावों का क्रिकेट जगत पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
| Jun 1, 2026, 23:34 IST
महिला चैंपियंस ट्रॉफी का नया शेड्यूल
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने हाल ही में आयोजित बोर्ड बैठक में महिला क्रिकेट और वैश्विक क्रिकेट प्रशासन से संबंधित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। अहमदाबाद में हुई इस बैठक में महिला चैंपियंस ट्रॉफी 2027 की तारीखों में बदलाव किया गया है, साथ ही क्रिकेट कनाडा के खिलाफ भी कड़े कदम उठाए गए हैं।
महिला चैंपियंस ट्रॉफी की पहली बार घोषणा 2022 में की गई थी, और यह टूर्नामेंट श्रीलंका में आयोजित होगा। पहले इसे जून और जुलाई 2027 में आयोजित करने की योजना थी, लेकिन अब इसे 14 से 28 फरवरी 2027 के बीच आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, तारीखों में बदलाव का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है।
इस प्रतियोगिता में कुल आठ टीमें भाग लेंगी और मुकाबले 20 ओवर के प्रारूप में खेले जाएंगे। यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि फरवरी में न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीमित ओवरों की श्रृंखला भी प्रस्तावित है, जिससे दोनों प्रतियोगिताओं की तारीखों में टकराव की संभावना बन सकती है।
इसके अलावा, ICC ने महिला उभरते राष्ट्र ट्रॉफी के नए स्वरूप को भी मंजूरी दी है, जिसमें 10 टीमें शामिल होंगी। इनमें पांच पूर्ण सदस्य देश और पांच सहयोगी सदस्य देश शामिल होंगे, और टीमों का चयन उनकी रैंकिंग के आधार पर किया जाएगा। पिछले वर्ष इस प्रतियोगिता का पहला संस्करण खेला गया था, जिसमें थाईलैंड ने खिताब जीता था।
ICC बोर्ड ने महिला टी20 विश्व कप 2028 के लिए क्वालीफिकेशन प्रक्रिया को भी मंजूरी दी है, जो पाकिस्तान में आयोजित होगी। इस प्रतियोगिता में 12 टीमें होंगी, जिनमें से 10 को सीधे प्रवेश मिलेगा, जबकि बाकी दो स्थान वैश्विक क्वालीफायर के जरिए भरे जाएंगे।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि ICC के ये निर्णय महिला क्रिकेट के विकास, प्रतियोगिताओं के बेहतर संचालन और सदस्य देशों में सुशासन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। आने वाले महीनों में इन निर्णयों का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकता है।
