महिला को पति की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में एक अदालत ने घरेलू विवाद के चलते पति की हत्या करने वाली महिला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में अदालत ने महिला पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। घटना 2013 में हुई थी, जब महिला ने अपने नशे में धुत पति पर धारदार हथियार से हमला किया। अदालत ने ठोस साक्ष्यों के आधार पर महिला को दोषी ठहराया, भले ही कई गवाह अपने बयान से मुकर गए।
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लखीमपुर खीरी में हत्या का मामला

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में एक अदालत ने घरेलू विवाद के चलते अपने पति की हत्या करने वाली महिला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, अदालत ने उसे 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस फैसले की जानकारी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता कपिल कटियार ने शनिवार को दी।


कटियार ने बताया कि मोहम्मदी-लखीमपुर खीरी के अपर जिला न्यायाधीश दिनेश कुमार गौतम की अदालत ने शुक्रवार को आरोपी महिला सुनीता को हत्या का दोषी ठहराया।


सरकारी अधिवक्ता के अनुसार, यह घटना 16 नवंबर 2013 की रात को मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र के राजापुर बेनी गांव में हुई थी। वहां सुनीता और उसके पति रीतराम के बीच किसी बात पर विवाद हो गया था। इस घरेलू झगड़े के बाद सुनीता ने अपने पति पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। उस समय रीतराम नशे में था।


इस हत्या के मामले में रीतराम के भतीजे सर्वेश ने पुलिस में अपनी चाची सुनीता के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। सरकारी वकील कटियार ने बताया कि सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के कई गवाह अपने बयान से मुकर गए, फिर भी अदालत ने ठोस वैज्ञानिक साक्ष्यों और मजबूत दलीलों के आधार पर सुनीता को दोषी ठहराया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई।