महिला की सूझबूझ से बची हजारों यात्रियों की जान
रेल यात्रा में सुरक्षा का महत्व
रेल परिवहन हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हालांकि, कभी-कभी रेल दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं, खासकर जब पटरियों में कोई समस्या हो। रेलवे कर्मचारी नियमित रूप से पटरियों की जांच करते हैं, लेकिन कभी-कभी यह संभव नहीं हो पाता।
यूपी की एक महिला की बहादुरी
एक ग्रामीण महिला ने इस समस्या का सामना किया। जब उसने टूटी हुई पटरी देखी, तो उसने तुरंत एक साहसिक कदम उठाया, जिससे हजारों यात्रियों की जान बच गई। इस महिला की बहादुरी की सोशल मीडिया पर प्रशंसा हो रही है।
एटा की घटना
यह घटना एटा जिले की है, जहां ओमवती नाम की महिला अपने खेत की ओर जा रही थी। जब उसने देखा कि रेलवे पटरी टूटी हुई है, तो वह तुरंत चिंतित हो गई। उसे पता था कि ट्रेन आने वाली है, और उसने सही अनुमान लगाया।
यात्रियों की जान बचाने की प्रक्रिया
ओमवती ने पहले अपने घर से लाल कपड़ा लिया और उसे पटरी के पास बांध दिया। इसके बाद, उसने ट्रेन का इंतजार किया। जब एटा-टूंडला पैसेंजर ट्रेन आई, तो उसने अपनी साड़ी का लाल पल्लू लहराया।
लोको पायलट की सजगता
ओमवती की सजगता ने काम किया। लोको पायलट ने उसके लाल कपड़े और पल्लू को देखा और तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। ट्रेन रुक गई और ओमवती ने लोको पायलट को टूटी पटरी दिखाई। अधिकारियों को सूचित किया गया और आधे घंटे में पटरी को ठीक किया गया।
महिला की सूझबूझ की सराहना
ओमवती की सूझबूझ ने उसे सोशल मीडिया पर प्रसिद्ध कर दिया है। उसने बताया कि उसे पता था कि लाल निशान खतरे का संकेत होता है।
