महिला आरक्षण विधेयक: लोकसभा में ऐतिहासिक पेशकश और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
केंद्र सरकार ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पेश किया, जिससे संसद में महत्वपूर्ण चर्चा शुरू हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी दलों से इसे सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की, जबकि विपक्ष ने इस पर तीखी प्रतिक्रियाएँ दीं। समाजवादी पार्टी के नेता ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह नारी को नारा बनाने की कोशिश कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जनगणना की प्रक्रिया को जारी रखने का आश्वासन दिया। जानें इस विधेयक के पीछे की राजनीति और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
| Apr 16, 2026, 18:48 IST
महिला आरक्षण विधेयक का प्रस्ताव
केंद्र सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पेश किया, जो संसद के विशेष सत्र के दौरान एक महत्वपूर्ण कदम है। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026 को प्रस्तुत किया, जिससे बहस की शुरुआत हुई। इसके साथ ही, उन्होंने परिसीमन विधेयक, 2026 भी पेश किया, जिससे विधायी निकायों में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण लागू करने पर चर्चा का मार्ग प्रशस्त हुआ। इस दौरान, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 भी पेश किया, जिससे विधायी एजेंडे में एक और विधेयक जुड़ गया। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी हुई।
लोकसभा की कार्यवाही
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण अधिनियम संबंधी संविधान संशोधन विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की। उन्होंने आश्वासन दिया कि देश में परिसीमन के अनुपात में कोई बदलाव नहीं होगा और कहा कि जो इसका विरोध करेंगे, उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। मोदी ने कहा कि इस विषय को राजनीति के तराजू से नहीं तौलना चाहिए और विपक्षी दलों को भी इसका श्रेय देने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि परिसीमन प्रक्रिया में राज्यों के बीच कोई भेदभाव नहीं होगा।
विपक्ष की प्रतिक्रियाएँ
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण विधेयक के बहाने नारी को नारा बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं के लिए आरक्षण के समर्थन में है, लेकिन भाजपाई चालबाजी के खिलाफ हैं। वहीं, भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने विपक्ष पर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया और दावा किया कि परिसीमन के बाद दक्षिणी राज्यों को अधिक सीटें मिलेंगी। कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने इस विधेयक को महिलाओं, जाति जनगणना और संघीय ढांचे के खिलाफ बताया।
केंद्रीय गृह मंत्री का बयान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश में जनगणना की प्रक्रिया जारी है और जातियों के साथ ही यह जनगणना होगी। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म के आधार पर मुसलमानों को आरक्षण गैर-संवैधानिक है। लोकसभा में महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन और परिसीमन से संबंधित विधेयकों पर चर्चा करते हुए उन्होंने सपा के नेताओं की टिप्पणियों का जवाब दिया।
कानून मंत्री का दृष्टिकोण
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि प्रस्तावित परिसीमन से किसी राज्य को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने सदस्यों से इन विधेयकों को सर्वसम्मति से पारित करने का आह्वान किया और कहा कि आज का दिन संसदीय इतिहास में स्वर्णिम अक्षर में लिखा जाएगा।
राज्यसभा की कार्यवाही
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और अन्य 16 नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्यों ने बृहस्पतिवार को पद की शपथ ली। उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने इन सदस्यों को उच्च सदन की सदस्यता की शपथ दिलाई। इसके अलावा, सदन में पूर्व सदस्य मोहसिना किदवई और पार्श्च गायिका आशा भोसले को श्रद्धांजलि दी गई।
