महिला आरक्षण विधेयक पर मनीष सिसोदिया की चिंता, परिसीमन प्रक्रिया पर उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने महिला आरक्षण विधेयक के तहत परिसीमन प्रक्रिया पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल की जा रही है। सिसोदिया ने प्रधानमंत्री मोदी की पार्टी पर आरोप लगाया कि वे चुनाव हारने पर वोट कम करने की रणनीति अपना रही हैं। कम्युनिस्ट पार्टी के नेता एम.ए. बेबी ने भी इस नीति की आलोचना की है। लोकसभा में हाल ही में कई विधेयक पेश किए गए हैं, जिन पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया है।
| Apr 16, 2026, 17:11 IST
महिला आरक्षण विधेयक पर आप का विरोध
आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने महिला आरक्षण विधेयक से जुड़ी परिसीमन प्रक्रिया पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि यह प्रक्रिया राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल की जा रही है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि वे महिलाओं के प्रतिनिधित्व में वृद्धि के पक्षधर हैं, लेकिन वर्तमान प्रक्रिया सीटों की संरचना को प्रभावित कर रही है।
सिसोदिया का बयान
सिसोदिया ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक एक सकारात्मक कदम है, जिसे सभी को समर्थन देना चाहिए। लेकिन जिस तरह से सीटों की संरचना में बदलाव किया जा रहा है, वह उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी की पार्टी चुनाव हारने पर वोट कम करने की रणनीति अपना रही है। अब नया कानून लाया जा रहा है, जिसमें जहां चुनाव नहीं जीत सकते, वहां लोकसभा सीटें घटा दी जाएं, और जहां जीतते हैं, वहां सीटें बढ़ा दी जाएं। वे इस परिसीमन के खिलाफ हैं और इसे गलत मानते हैं।
कम्युनिस्ट पार्टी की प्रतिक्रिया
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्सिस्ट के नेता एम.ए. बेबी ने भी सरकार की इस नीति की आलोचना की। उन्होंने कहा कि 2010 में राज्यसभा द्वारा पारित संशोधन के अनुसार वही संरचना अपनाई जा सकती थी। वर्तमान में जो किया जा रहा है, वह नरेंद्र मोदी सरकार की महिलाओं के आरक्षण के नाम पर निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन की एक चाल है।
लोकसभा में विधेयकों का पेश होना
गुरुवार को लोकसभा में संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 और परिसीमन विधेयक, 2026 पेश किए गए। प्रधानमंत्री मोदी ने इन विधेयकों के लिए सर्वसम्मति से समर्थन की अपील की, जबकि विपक्षी दलों ने परिसीमन विधेयक का विरोध किया।
