महिला आरक्षण विधेयक पर भाजपा का विरोध प्रदर्शन, कांग्रेस पर आरोप
भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक के विफल होने पर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने विधेयक का विरोध करने का आरोप झेलते हुए स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य परिसीमन प्रस्ताव का विरोध करना है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर महिला-विरोधी होने का आरोप लगाया और आगामी चुनावों में महिलाओं के समर्थन की उम्मीद जताई। प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्र संबोधन में विधेयक की विफलता पर विपक्ष की आलोचना की संभावना है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया।
| Apr 18, 2026, 18:15 IST
महिला आरक्षण विधेयक का विफल होना
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को लोकसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने वाले 131वें संविधान संशोधन विधेयक के असफल होने पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। यह विधेयक इसलिए विफल हुआ क्योंकि भारत गठबंधन ने परिसीमन प्रक्रिया का समर्थन नहीं किया, जिसके लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने विधेयक के खिलाफ मतदान किया, जिसके परिणामस्वरूप 230 सांसदों ने संशोधन का विरोध किया। भाजपा ने कांग्रेस पर महिला-विरोधी होने का आरोप लगाया।
कांग्रेस का स्पष्टीकरण
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि उनका महिला आरक्षण के खिलाफ कोई रुख नहीं है, बल्कि वे परिसीमन प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं, जिससे लोकसभा सीटों की संख्या 815 हो जाएगी। कांग्रेस का तर्क है कि परिसीमन से दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व कमजोर होगा। भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि विधेयक पारित नहीं होने के कारण वे सभी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देशभर की महिलाएं इस अभियान में शामिल हैं और वे बेहद नाराज हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी
भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा था कि महिला आरक्षण विधेयक का श्रेय कांग्रेस ले सकती है, लेकिन उन्हें इसका श्रेय नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध किया है और आगामी चुनावों में महिलाएं उन्हें हरा देंगी।
विपक्ष पर आरोप
भाजपा सांसद बंसुरी स्वराज ने विपक्ष पर महिलाओं के साथ विश्वासघात का आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी ने महिलाओं के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल महिलाओं की भूमिका को मतदान केंद्रों तक सीमित रखना चाहता है और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में अपने स्वार्थ को प्राथमिकता दी है।
प्रधानमंत्री का संबोधन
प्रधानमंत्री मोदी आज रात 8:30 बजे राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं, जिसमें वे विधेयक के विफल होने पर विपक्ष के निर्णय की आलोचना कर सकते हैं। भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक निर्णय हो सकता था, लेकिन कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने इसे रोक दिया।
