महिला आरक्षण पर राहुल गांधी का जोरदार बयान: सशक्तीकरण की आवश्यकता

राहुल गांधी ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर विशेष सत्र में बोलते हुए महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह महिलाओं की आड़ में चुनावी नक्शा बदलने का प्रयास कर रही है। राहुल ने अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के भाषण की सराहना की और कहा कि भाजपा ओबीसी समुदाय के अधिकारों को छीनने की कोशिश कर रही है। इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
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महिला आरक्षण पर राहुल गांधी का जोरदार बयान: सशक्तीकरण की आवश्यकता gyanhigyan

महिला आरक्षण पर राहुल गांधी का बयान

महिला आरक्षण और परिसीमन पर विशेष सत्र में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि महिलाएं देश की राष्ट्रीय पहचान में एक प्रेरक शक्ति हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हर व्यक्ति अपने जीवन में महिलाओं से प्रभावित होता है, जो उनके समाज में महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है। राहुल ने यह भी कहा कि 2023 में पारित विधेयक का महिला सशक्तीकरण से कोई संबंध नहीं है, बल्कि यह महिला आरक्षण का विधेयक था। 


सरकार पर आरोप

राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा कि सरकार ओबीसी समुदाय को अधिकार देने से कतराती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक भारत की महिलाओं के पीछे छिपकर चुनावी मानचित्र को बदलने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष इस विधेयक को गिराने के लिए एकजुट है। राहुल ने शुक्रवार को कहा कि उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा ने वह कार्य किया है जो वे पिछले 20 वर्षों में नहीं कर पाए। उनका यह बयान वाड्रा के 'चाणक्य' वाले व्यंग्य की ओर इशारा करता है, जिस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुस्कुराया था।


प्रियंका गांधी का भाषण

राहुल गांधी ने कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा का भाषण अद्वितीय था। उन्होंने अपने बचपन की एक घटना और अपनी दादी इंदिरा गांधी के साथ बातचीत को याद किया, जिसमें इंदिरा गांधी ने कहा था कि उन्हें केवल खुद से डर लगता है। राहुल ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी पत्नी से जुड़ी कोई समस्या नहीं है और महिलाओं को भारत की प्रेरक शक्ति बताया।


भाजपा पर हमला

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा भारत की महिलाओं की आड़ में चुनावी नक्शा बदलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने के बजाय, भाजपा जातिगत जनगणना को नजरअंदाज कर रही है और ओबीसी समुदाय की अनदेखी कर रही है, जिससे उनके अधिकारों का हनन हो रहा है।