महिला आरक्षण पर बीजेपी का डीएमके पर हमला, चुनावी रणनीति में नया मोड़

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बीच, बीजेपी ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर डीएमके को घेरना शुरू कर दिया है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और डीएमके पर आरोप लगाया है कि उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक के खिलाफ वोट देकर महिलाओं के साथ अन्याय किया है। बीजेपी का मानना है कि यह केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों को छीनने की साजिश है। जानें इस मुद्दे पर और क्या हो रहा है और इसका चुनावी रणनीति पर क्या असर पड़ेगा।
 | 
महिला आरक्षण पर बीजेपी का डीएमके पर हमला, चुनावी रणनीति में नया मोड़ gyanhigyan

महिला आरक्षण का मुद्दा

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के दौरान, भारतीय जनता पार्टी ने महिला आरक्षण के विषय पर सत्ताधारी डीएमके को घेरना शुरू कर दिया है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने इस संदर्भ में डीएमके और कांग्रेस पर तीखे आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इन राजनीतिक दलों ने लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के खिलाफ वोट देकर देश की महिलाओं के साथ अन्याय किया है।


बीजेपी की रणनीति

शाह ने स्पष्ट किया कि यह केवल राजनीतिक विरोध नहीं है, बल्कि महिलाओं के अधिकारों को छीनने की एक साजिश है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार इस साजिश को सफल नहीं होने देगी और महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।


विरोध प्रदर्शन

समझिए रणनीति

भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सहयोगी दल इस मुद्दे पर सत्तापक्ष को घेरने का प्रयास कर रहे हैं। विधेयक गिरने के तुरंत बाद, महिला सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। पार्टी का मानना है कि इस विफलता को जनता के बीच लाकर विपक्षी दलों पर महिला सशक्तिकरण में बाधा डालने का आरोप लगाया जा सकता है।


सीटों का पुनर्निर्धारण

भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस और डीएमके 2026 की जनगणना के आधार पर सीटों के पुनर्निर्धारण पर जोर देकर तमिलनाडु की लोकसभा सीटों को कम करने का प्रयास कर रहे हैं। इससे राज्य के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को नुकसान हो सकता है। बीजेपी द्वारा इस मुद्दे को उठाने का असर तमिलनाडु के मौजूदा विधानसभा चुनावों में देखने को मिलेगा।