महाराष्ट्र सरकार ने टीसीएस उत्पीड़न मामले की जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों को किया आदेश
मुख्यमंत्री का बयान
नासिक में टीसीएस उत्पीड़न और धर्मांतरण के मामले को लेकर चल रहे विवाद के बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जानकारी दी कि सरकार ने केंद्रीय एजेंसियों को इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी दोषी को नहीं बख्शा जाएगा और सरकार मामले की गहराई तक जाएगी। फडणवीस ने कहा कि यह एक अत्यंत संवेदनशील और गंभीर मामला है, जिसके लिए सभी संबंधित एजेंसियों को सक्रिय किया गया है।
अदालत का निर्णय
इस बीच, नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की एक शाखा में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण से जुड़े मामले में, एक स्थानीय अदालत ने दो आरोपियों को 18 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। आरोपियों की पहचान रजा रफीक मेमन (35) और शफी बिखान शेख (36) के रूप में हुई है। इन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद बुधवार को फिर से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस की कार्रवाई
अदालत ने आरोपियों को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब तक इस मामले में कुल नौ मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिसमें टीसीएस की नासिक शाखा के छह पुरुष और एक महिला कर्मचारी सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
