महाराष्ट्र सरकार डबल मर्डर केस में बरी किए गए आरोपियों के खिलाफ अपील करेगी
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने डबल मर्डर केस में बरी किए गए आरोपियों के खिलाफ अपील करने का निर्णय लिया है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से चर्चा की, जिन्होंने CBI को अपील दायर करने का निर्देश दिया। शिंदे ने इस फैसले पर दुख व्यक्त किया और कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि आरोपियों को सजा मिलेगी। इस मामले में पवनराजे निंबालकर और उनके ड्राइवर की हत्या हुई थी। जानें इस मामले की पूरी पृष्ठभूमि और सीबीआई कोर्ट के निर्णय के बारे में।
| Jun 20, 2026, 15:41 IST
डिप्टी सीएम शिंदे का बयान
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार को जानकारी दी कि राज्य सरकार पवनराजे निंबालकर डबल मर्डर केस में बरी किए गए आरोपियों के खिलाफ अपील करने का निर्णय लिया है। शिंदे ने बताया कि उन्होंने और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से चर्चा की, जिन्होंने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को इस मामले में अपील दायर करने का निर्देश दिया है। शिंदे ने कहा, "मैंने और डिप्टी सीएम फडणवीस ने अमित शाह जी से बात की है। उन्होंने कहा है कि CBI इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील करेगी और मामले की लड़ाई लड़ेगी।"
फैसले पर शिंदे की प्रतिक्रिया
शिंदे ने इस फैसले पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें और निंबालकर परिवार को उम्मीद थी कि आरोपियों को सजा मिलेगी। उन्होंने कहा, "यह एक बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है; पवनराजे निंबालकर जी और दो अन्य व्यक्तियों की दिन-दहाड़े हत्या कर दी गई थी। यह एक गंभीर मामला था। परिवार और अन्य लोगों को विश्वास था कि आरोपियों को सजा मिलेगी, लेकिन दुर्भाग्य से सीबीआई कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है।" CBI की अदालत ने आज 2006 के डबल मर्डर केस में सभी नौ आरोपियों को सबूतों की कमी के आधार पर बरी कर दिया। इस मामले में तत्कालीन कांग्रेस नेता पवनराजे निंबालकर और उनके ड्राइवर समद काज़ी की हत्या हुई थी।
मामले की पृष्ठभूमि
जून 2006 में नवी मुंबई के कलंबोली क्षेत्र में पवनराजे निंबालकर और उनके ड्राइवर समद काज़ी की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद इस मामले की जांच CBI ने अपने हाथ में ली और कई वर्षों तक यह मामला अदालत में चला। बरी किए गए आरोपियों में पूर्व एनसीपी नेता पदमसिंह पाटिल भी शामिल थे, जो इस मामले के मुख्य आरोपियों में से एक थे। कुल नौ लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था और उनके खिलाफ चार्जशीट दायर की गई थी।
निंबालकर परिवार का संबंध
पवनराजे निंबालकर, ओमराजे निंबालकर के पिता हैं। ओमराजे उन छह शिवसेना (UBT) सांसदों में से एक हैं जिन्होंने पार्टी के खिलाफ बगावत की थी। ऐसी अटकलें हैं कि ये नेता एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पार्टी में शामिल होने की योजना बना रहे हैं।
सीबीआई कोर्ट का निर्णय
सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी करने का निर्णय सुनाया। UBT सांसद ओमराजे निंबालकर भी अपने परिवार के सदस्यों के साथ अदालत में मौजूद थे।
