महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा पेपर लीक: SIT ने तीन और आरोपियों को किया गिरफ्तार

महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले में विशेष जांच टीम (SIT) ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें मोस्ट वांटेड कपिल दहिया शामिल है। इस गिरफ्तारी के साथ ही कुल गिरफ्तारियों की संख्या सात हो गई है। SIT ने इस मामले में कई अन्य संदिग्धों को भी पकड़ा है, जिनमें मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता के सहयोगी शामिल हैं। पुलिस ने इस रैकेट के खुलासे के लिए गुप्त ऑपरेशन चलाया था, जिसमें कई महत्वपूर्ण सबूत भी बरामद किए गए हैं।
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विशेष जांच टीम की सफलता

महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले में विशेष जांच टीम (SIT) को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। हाल ही में, SIT ने इस मामले में तीन और प्रमुख संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिससे कुल गिरफ्तारियों की संख्या अब सात हो गई है। इनमें से एक आरोपी, कपिल दहिया, जिसे पंजाब के पठानकोट से पकड़ा गया है, सबसे वांछित था। इसके साथ ही, मुख्य आरोपी को बचाने में मदद करने के आरोप में दो अन्य व्यक्तियों को भी हिरासत में लिया गया है।


कपिल दहिया की गिरफ्तारी

SIT के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कपिल दहिया फरार था और उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था। उसे पठानकोट में गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता को बचाने में मदद करने के आरोप में सोनू सिंह और मिथुन सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है।


सोनू सिंह की भूमिका

पुलिस ने बताया कि सोनू सिंह, जो बिहार के हाजीपुर का निवासी है, स्थानीय बाजार में फोटोकॉपी की दुकान चलाता है। आरोप है कि उसने बिजेंद्र गुप्ता के कहने पर नकली पहचान पत्र बनाए और लीक हुए प्रश्न पत्र की कई कॉपियां अपनी दुकान पर प्रिंट की। उसे उसकी दुकान से गिरफ्तार किया गया, जहां से पुलिस ने नकली पहचान पत्र भी बरामद किए।


मिथुन सिंह की गिरफ्तारी

मिथुन सिंह, जो बिजेंद्र गुप्ता का साढू है, को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि वह कपिल दहिया के साथ पुणे गया था ताकि लीक हुए पेपर के संभावित खरीदारों की तलाश की जा सके। उसे पटना में पकड़ा गया।


अन्य गिरफ्तारियां

कपिल दहिया, मिथुन सिंह और सोनू सिंह को भिवंडी लाया गया, जहां उन्हें कोर्ट में पेश किया गया और 9 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। इससे पहले, पुलिस ने बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी सुमन कुमारी को भी गिरफ्तार किया था। 27 जून को कोंगांव में लीक हुए प्रश्न पत्र को बेचने के आरोप में धीरज सिंह, आकाश कुमार और राजीव कुमार को भी हिरासत में लिया गया था।


पेपर लीक का खुलासा

एक गुप्त सूचना के आधार पर, भिवंडी के DCP पवन बंसोडे ने एक ऑपरेशन शुरू किया। एक पुलिस इंस्पेक्टर ने संभावित खरीदार बनकर आरोपियों से संपर्क किया। जब आरोपियों को लगा कि उन्हें ग्राहक मिल गया है, तो उन्होंने बिजेंद्र गुप्ता से संपर्क किया। इसके बाद, गुप्ता ने लीक हुए पेपर के चार सेट राजीव कुमार और आकाश कुमार को भेजे।


बिजेंद्र गुप्ता का आपराधिक इतिहास

पुलिस के अनुसार, बिजेंद्र गुप्ता पहले भी कई राज्यों में पेपर लीक मामलों में शामिल रहा है और हत्या के एक मामले में भी गिरफ्तार किया जा चुका है। वह अक्सर गिरफ्तारी के बाद जमानत पर बाहर आता था और फिर से फरार हो जाता था।


गिरफ्तार आरोपियों से बरामद सामान

DCP पवन बंसोडे ने बताया कि पुलिस ने कपिल दहिया के पास से TET परीक्षा के पेपर, एक प्रिंटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। इसके अलावा, सोनू सिंह के कंप्यूटर पर TET परीक्षा के पेपर की कॉपियां मिलीं।