महाराष्ट्र विधानसभा में फर्जी पास बनाने के आरोप में पांच गिरफ्तार

महाराष्ट्र पुलिस ने विधानसभा सत्र के दौरान फर्जी प्रवेश पास बनाने के आरोप में पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला तब सामने आया जब अनधिकृत पासों के वितरण की शिकायत मिली। राज्य मंत्री उदय सामंत ने भी इस मुद्दे को उठाया। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी पास कैसे बनाए गए और क्या किसी अंदरूनी व्यक्ति का सहयोग था। इसके अलावा, एनसीपी विधायक अमोल मितकारी के खिलाफ फर्जी खबर फैलाने के आरोप में एक युवक को पांच दिन की जेल की सजा दी गई है।
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महाराष्ट्र विधानसभा में फर्जी पास बनाने के आरोप में पांच गिरफ्तार

फर्जी प्रवेश पास बनाने का मामला

महाराष्ट्र पुलिस ने विधानसभा सत्र के दौरान अवैध प्रवेश पास बनाने के आरोप में पांच व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह मामला तब उजागर हुआ जब एक शिकायत में अनधिकृत पासों के वितरण का उल्लेख किया गया। राज्य मंत्री उदय सामंत ने भी इस मुद्दे को सत्र के दौरान उठाया था।


शिकायत के आधार पर, मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन ने जांच शुरू की और इस रैकेट से जुड़े पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें से कुछ आरोपी मंत्रालय के कर्मचारी बताए जा रहे हैं। गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान केशव गुंजल (53), गणपत भाऊ जावले (50), नागेश शिवाजी पाटिल (42), मनोज आनंद मोरबाले (40) और स्वप्निल रमेश तायडे (40) के रूप में हुई है। पुलिस के सूत्रों के अनुसार, यह माना जा रहा है कि इस मामले में और भी संदिग्ध शामिल हो सकते हैं और उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं।


सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन

इस मामले ने एक महत्वपूर्ण विधायी सत्र के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न की हैं। अधिकारियों ने बताया कि जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि फर्जी पास कैसे बनाए गए, इस प्रक्रिया को किसने अधिकृत किया और क्या किसी अंदरूनी व्यक्ति का सहयोग इस जालसाजी में था।


फर्जी खबर फैलाने वाले युवक को सजा

बुधवार (25 मार्च) को महाराष्ट्र विधान परिषद ने एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें एनसीपी विधायक अमोल मितकारी के खिलाफ यूट्यूब चैनल पर फर्जी खबर प्रकाशित करने के आरोप में अकोला के एक युवक को पांच दिन की जेल की सजा देने की सिफारिश की गई। युवक अंकुश गावंडे को फर्जी खबर के संबंध में माफी मांगने के लिए सदन में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था।


गावंडे के साथ पत्रकार गणेश सोनावाने, हर्षदा सोनावाने और अमोल नंदुरकर ने भी 'सत्या लाधा' यूट्यूब चैनल पर मितकारी के खिलाफ फर्जी खबर प्रकाशित की थी। तीनों पत्रकारों ने सदन में माफी मांगी और उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। हालांकि, सदन के आदेश के बावजूद गावंडे उपस्थित नहीं हुए, इसलिए उनके खिलाफ सजा लागू की जानी चाहिए।