महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी में उठी नई राजनीतिक हलचल

महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के भीतर रईस शेख और अबू आज़मी के बीच बढ़ते विवाद ने चुनावी माहौल को प्रभावित किया है। शेख ने आज़मी पर टिकट वितरण में मनमानी करने और पार्टी में असंतोष फैलाने का आरोप लगाया है। इस विवाद का असर आगामी नगर निगम चुनावों पर पड़ सकता है। जानें इस राजनीतिक हलचल के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित परिणाम।
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महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी में उठी नई राजनीतिक हलचल

पार्टी में असंतोष का माहौल

महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी (एसपी) के भीतर एक बार फिर से असंतोष की लहर उठ गई है। विधायक रईस शेख और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अबू आज़मी के बीच राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। 3 जनवरी को, रईस शेख ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को एक पत्र भेजकर आज़मी की गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की। पत्र में शेख ने आज़मी पर जानबूझकर उन्हें परेशान करने और पार्टी में अव्यवस्था फैलाने का आरोप लगाया। हाल ही में यह भी खबर आई है कि अखिलेश यादव का बीएमसी चुनाव प्रचार का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है, जिसकी पुष्टि पार्टी के एक अधिकारी ने की है।


टिकट वितरण पर विवाद

रईस शेख ने पत्र में यह भी आरोप लगाया कि अबू आज़मी ने भिवंडी और मुंबई नगर निगम चुनावों में टिकट वितरण में मनमानी की है। शेख का कहना है कि आज़मी पार्टी कार्यकर्ताओं और संभावित उम्मीदवारों के हितों की अनदेखी कर रहे हैं। इस कुप्रबंधन के कारण पार्टी के सदस्यों में असंतोष बढ़ रहा है, जिससे चुनावों में पार्टी की संभावनाएं प्रभावित हो रही हैं। शेख ने यह भी कहा कि आज़मी की सार्वजनिक टिप्पणियों ने चिंताओं को और बढ़ा दिया है।


चुनाव परिणामों का इंतजार

पार्टी चुनाव परिणामों के बाद इस विवाद पर कोई निर्णय लिया जा सकता है। समाजवादी पार्टी मुंबई की कुछ खास सीटों के अलावा भिवंडी और आसपास के क्षेत्रों में मजबूत मानी जाती है। पिछले चुनाव में, एसपी ने मुंबई में सात नगरसेवक जीते थे, जिनमें से एक भायखला और छह गोवंडी से थे। रईस शेख भायखला के प्रभाग से नगरसेवक रह चुके हैं और उन्होंने अपने पसंदीदा उम्मीदवार के लिए टिकट मांगा था, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। इसके बाद, उन्होंने अपने करीबी वकार को कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़वाने का निर्णय लिया।