महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल: उद्धव ठाकरे के सांसदों का शिंदे गुट से संपर्क
राजनीतिक बदलाव की अटकलें
महाराष्ट्र में संभावित राजनीतिक परिवर्तनों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (UBT) के सात सांसद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं। बताया जा रहा है कि 7 जून को शिंदे के दिल्ली दौरे के दौरान एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें ठाकरे खेमे के कई सांसद शामिल थे। हालांकि, इस बैठक की पूरी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इसमें शिवसेना (UBT) के सांसदों के राजनीतिक भविष्य और शिंदे गुट में शामिल होने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
दिल्ली में राजनीतिक प्रस्ताव
इसके अतिरिक्त, खबरों के अनुसार, शिंदे गुट के नेताओं ने दिल्ली में बातचीत के दौरान एक राजनीतिक प्रस्ताव प्रस्तुत किया। केंद्रीय कैबिनेट के संभावित विस्तार को लेकर चल रही अटकलों के बीच, यह भी कहा जा रहा है कि केंद्र में प्रतिनिधित्व को लेकर आश्वासन दिया गया हो सकता है। ठाकरे खेमे के एक सांसद को केंद्रीय कैबिनेट में स्थान देने का वादा किया गया था, जबकि अन्य सांसदों को महत्वपूर्ण संगठनात्मक और राजनीतिक जिम्मेदारियां सौंपने का भरोसा दिया गया था। हालांकि, इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित नेताओं ने सार्वजनिक रूप से इन्हें स्वीकार नहीं किया है।
शिंदे गुट के संपर्क में सांसद
सूत्रों के अनुसार, एकनाथ शिंदे और शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे कई महीनों से ठाकरे गुट के नेताओं के संपर्क में हैं। पिछले छह महीनों में दिल्ली में कई बार अलग-अलग और समूह स्तर पर बैठकें हुई हैं। चर्चा है कि शिंदे गुट के केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव के दिल्ली स्थित आवास पर शिवसेना (UBT) के कुछ सांसदों के साथ बातचीत हुई थी। इन बैठकों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यह चर्चा शिंदे के नेतृत्व में 2022 में हुए विद्रोह की याद दिलाती है, जिसने शिवसेना को दो हिस्सों में बांट दिया था और राज्य की राजनीतिक स्थिति को पूरी तरह बदल दिया था।
कौन से सांसद हैं संपर्क में?
शिवसेना (UBT) के पास वर्तमान में लोकसभा में नौ सांसद हैं:
संपर्क में सांसदों की स्थिति
सूत्रों के अनुसार, मुंबई के दो सांसदों को छोड़कर बाकी सात सांसदों के शिंदे गुट के संपर्क में होने की बात कही जा रही है। यह भी दावा किया गया है कि इन सांसदों ने दिल्ली दौरे के दौरान शिंदे से मुलाकात की थी। हालांकि, किसी भी सांसद ने इन खबरों की सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की है।
