महाराष्ट्र में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की तैयारी

महायुति सरकार ने महाराष्ट्र में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने की योजना बनाई है। गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने बताया कि इसके लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाएगा। इस चर्चा में तीन तलाक़ कानून और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दों पर भी बहस हुई। जानें इस विषय पर और क्या कहा गया है और इसके संभावित प्रभाव क्या हो सकते हैं।
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महाराष्ट्र में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की तैयारी gyanhigyan

महायुति सरकार का नया कदम

मंगलवार को, महायुति सरकार ने संकेत दिया कि महाराष्ट्र यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। इस कानून के लिए एक ड्राफ्ट तैयार करने के उद्देश्य से एक विशेषज्ञ समिति बनाने की योजना की घोषणा की गई है। विधानसभा में चर्चा के दौरान, गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ड्राफ्ट तैयार करने के लिए एक रिटायर्ड हाई कोर्ट जज की अध्यक्षता में समिति बनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार UCC लागू करने की प्रक्रिया शुरू करेगी।


सरकार की सकारात्मकता

कदम ने स्पष्ट किया कि सरकार राज्य में UCC लाने के लिए "100 प्रतिशत सकारात्मक" है। उन्होंने बताया कि कानून का मसौदा तैयार करते समय बहुविवाह जैसे मुद्दों पर विचार किया जाएगा। मंत्री ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में तीन तलाक़ विरोधी कानून लागू किया जा रहा है। यह मुद्दा बीजेपी विधायक देवयानी फरांडे ने 'ध्यान आकर्षण प्रस्ताव' के माध्यम से उठाया। उन्होंने नासिक में मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ कथित तौर पर तुरंत तलाक़, धमकियों और उत्पीड़न के मामलों का उल्लेख किया।


तीन तलाक़ कानून पर बहस

फरांडे ने 2019 के उस कानून का उल्लेख किया, जिसके तहत तीन तलाक़ को अपराध घोषित किया गया था, और तर्क किया कि इसे सही तरीके से लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने ऐसे मामलों का जिक्र किया, जहां महिलाओं को फोन पर तलाक़ दिया गया, उनके प्राइवेट वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई, और उन्हें बिना किसी आर्थिक सहायता के छोड़ दिया गया। उन्होंने महिलाओं के लिए मजबूत सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर जोर देते हुए पाकिस्तान जैसे देशों में अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं का भी उल्लेख किया, जहां दूसरी शादी से पहले पहली पत्नी की मंजूरी आवश्यक होती है।


सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस

इस चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। NCP (शरद पवार गुट) के विधायक जयंत पाटिल ने इस प्रस्ताव के स्वीकार करने के आधार पर सवाल उठाए, जबकि कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने तर्क किया कि तीन तलाक़ कानून एक केंद्रीय कानून है और राज्य विधानसभा में इसकी प्रासंगिकता पर सवाल उठाए।