महाराष्ट्र में भोंदू बाबा मामले ने मचाई हलचल, कांग्रेस नेता ने लगाए गंभीर आरोप
भोंदू बाबा का विवादास्पद मामला
नासिक में 'भोंदू बाबा' अशोक खरात के मामले ने राज्य में हड़कंप मचा दिया है। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया है कि खरात के कुछ वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ संबंध थे। उन्होंने यह भी कहा कि खरात इन अधिकारियों को एक-दूसरे की पत्नियों के साथ संबंध बनाने की सलाह देता था। इन गंभीर आरोपों के बाद समाज में आक्रोश बढ़ गया है और मामले की गहन जांच की मांग तेज हो गई है।
वडेट्टीवार ने कहा कि खरात के मोबाइल में कई लोगों के नाम कोड वर्ड में सेव हैं, जो यह दर्शाता है कि वह काले धन को सफेद करने का काम करता था। उन्होंने मांग की कि इस मामले में शामिल सभी व्यक्तियों की जांच होनी चाहिए। केवल कुछ लोगों पर कार्रवाई कर मामले को खत्म नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि जिन 49 विधायकों के फोटो खरात के साथ आए हैं, उनकी भी जांच होनी चाहिए।
एक और गंभीर पहलू यह है कि कई सरकारी अधिकारी अपने परिवार के साथ खरात के पास जाते थे। कुछ मामलों में, पति अपनी पत्नियों को खुद खरात के पास भेजते थे। वडेट्टीवार ने कहा कि ऐसे लोगों को भी समान रूप से दोषी माना जाना चाहिए और उनके खिलाफ अंधश्रद्धा विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए.
वीडियो सबूतों का दावा
वडेट्टीवार ने यह भी दावा किया कि खरात के कार्यालय से जब्त पेनड्राइव में लगभग 1000 वीडियो हैं, जिनमें से केवल 150 वीडियो ही अब तक सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि कई प्रभावशाली लोगों की पत्नियां खरात के कार्यालय जाती थीं, जबकि उनके पति बाहर इंतजार करते थे। हालांकि, अंदर क्या होता था, इस पर उन्होंने ठोस सबूत न होने के कारण टिप्पणी करने से परहेज किया।
राज्य की छवि पर असर
वडेट्टीवार ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यह महाराष्ट्र की छवि को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब तक संबंधित अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई करने में असफल रही है। उन्होंने दोहराया कि इस मामले में शामिल हर व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इन आरोपों के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और भविष्य में और बड़े खुलासे होने की संभावना है.
राजस्व मंत्री की प्रतिक्रिया
‘सबूत दें वडेट्टीवार’
राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने वडेट्टीवार को खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि वडेट्टीवार केवल बयानबाजी कर रहे हैं। यदि उनके पास ठोस सबूत हैं, तो उन्हें औपचारिक शिकायत दर्ज करानी चाहिए। बावनकुले ने कहा कि केवल मीडिया में बयान देकर सनसनी फैलाने से कुछ हासिल नहीं होगा।
