महाराष्ट्र में बहू की हत्या के मामले में 60 वर्षीय महिला गिरफ्तार

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक 60 वर्षीय महिला को अपनी बहू की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह हत्या रेलवे की नौकरी और ग्रेच्युटी की राशि को लेकर विवाद के चलते हुई। पुलिस ने बताया कि आरोपी महिला अपने बेटे की मृत्यु के बाद मिली ग्रेच्युटी की राशि अपने पास रखना चाहती थी। मामले में कई विरोधाभास सामने आए हैं, और पुलिस ने हत्या की साजिश के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जानें इस जघन्य अपराध की पूरी कहानी।
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महाराष्ट्र में बहू की हत्या के मामले में 60 वर्षीय महिला गिरफ्तार

मामले का विवरण

ठाणे जिले, महाराष्ट्र की एक 60 वर्षीय महिला को अपनी बहू की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह हत्या रेलवे की नौकरी और ग्रेच्युटी की राशि को लेकर विवाद के चलते हुई। पुलिस ने इस मामले की जानकारी दी।


ग्रेच्युटी का महत्व

ग्रेच्युटी एक एकमुश्त भुगतान है, जो नियोक्ता अपने कर्मचारियों को उनकी लंबी सेवा के लिए प्रदान करता है। यह राशि आमतौर पर सेवानिवृत्ति या नौकरी छोड़ने पर मिलती है।


हत्या की वजह

एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी महिला अपने बेटे की मृत्यु के बाद मिली ग्रेच्युटी की राशि अपने पास रखना चाहती थी। इसके साथ ही, वह चाहती थी कि उसके पोते को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिले, न कि उसकी बहू को।


घटनास्थल की जानकारी

पुलिस को एक जनवरी को कल्याण क्षेत्र में वलधुनी पुल के पास एक महिला के गंभीर चोटों के साथ पड़े होने की सूचना मिली। महिला को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभ में, महात्मा फुले चौक थाने में दुर्घटनावश मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज की गई और शव का पोस्टमॉर्टम किया गया।


लापता होने की कहानी

मामले में नया मोड़ तब आया जब लताबाई नाथा गांगुर्डे थाने पहुंची और बताया कि उसकी बहू रूपाली विलास गांगुर्डे (35) सुबह से लापता है। बाद में, उसने पहचान की कि वलधुनी पुल के पास मिली महिला रूपाली ही थी।


पूछताछ में विरोधाभास

हालांकि, जब निरीक्षक विजय नाइक के नेतृत्व में अपराध शाखा की टीम ने उससे पूछताछ की, तो लापता होने की कहानी में कई विरोधाभास सामने आए। रूपाली के पति विलास रेलवे कर्मचारी थे, जिनका सितंबर 2025 में निधन हो गया था। उनकी मृत्यु के बाद रूपाली को 9 से 10 लाख रुपये की ग्रेच्युटी मिली थी, जिसे लताबाई अपने लिए मांग रही थी।


हत्या की साजिश

अधिकारी ने बताया कि लताबाई और रूपाली के बीच रेलवे की नौकरी को लेकर भी विवाद था। लताबाई चाहती थीं कि उनके 15 वर्षीय पोते को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिले, जबकि रूपाली ने स्वयं उस पद के लिए आवेदन किया था। इसके बाद लताबाई ने अपने मित्र जगदीश महादेव म्हात्रे (67) के साथ मिलकर रूपाली की हत्या की साजिश रची।


हत्या का अंजाम

अधिकारी ने बताया कि 31 दिसंबर की रात दोनों ने कथित तौर पर रूपाली पर रॉड से हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। कल्याण मंडल के सहायक पुलिस आयुक्त कल्याणजी गेटे ने बताया कि आरोपियों ने खून के धब्बे साफ किए, रूपाली के खून से सने कपड़े बदले और उसे पुल के पास फेंक दिया। लताबाई और म्हात्रे को हत्या और सबूत मिटाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।