महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव: बीएमसी पर विशेष ध्यान

महाराष्ट्र में 15 जनवरी को नगर निगम चुनाव होने जा रहे हैं, जिसमें 29 नगर निगम शामिल हैं। विशेष रूप से बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसका वार्षिक बजट 74,400 करोड़ रुपये है। मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक चलेगा, जिसमें 3.48 करोड़ मतदाता और 15,931 उम्मीदवार भाग लेंगे। यह चुनाव शिवसेना के विभाजन के बाद पहला बीएमसी चुनाव है, और सभी की नजर मुंबई पर है। जानें इस चुनाव के महत्व और राजनीतिक समीकरण के बारे में।
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महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव: बीएमसी पर विशेष ध्यान

महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव की तैयारी

महाराष्ट्र में 15 जनवरी (गुरुवार) को नगर निगम चुनाव आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें 29 नगर निगम शामिल हैं। विशेष रूप से बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसका वार्षिक बजट 74,400 करोड़ रुपये है। मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक चलेगा, जिसमें 3.48 करोड़ मतदाता और 15,931 उम्मीदवार भाग लेंगे। BMC में, चार साल की देरी के बाद 227 एकल-सदस्यीय वार्ड के लिए लगभग 1,700 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं.


मुंबई में चुनावी मुकाबला

महाराष्ट्र के 29 नगर निकायों के चुनाव के लिए मतदान बृहस्पतिवार सुबह शुरू हो गया है, और सभी की नजर मुंबई पर है। यहां आर्थिक रूप से समृद्ध बीएमसी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले महायुति और ठाकरे बंधुओं के गठबंधन के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है.


राज्य में 893 वार्डों की 2,869 सीटों के लिए मतदान सुबह साढ़े सात बजे शुरू हुआ और शाम साढ़े पांच बजे समाप्त होगा। 15,931 उम्मीदवारों के भविष्य का निर्णय 3.48 करोड़ मतदाताओं के हाथ में है.


चुनाव की पृष्ठभूमि

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों में 227 सीटों के लिए 1,700 उम्मीदवार प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। इस महानगरपालिका का वार्षिक बजट 74,000 करोड़ रुपये है.


मुंबई को छोड़कर, अन्य सभी शहरी निकायों में बहुसदस्यीय वार्ड प्रणाली लागू है। मतगणना 16 जनवरी को होगी. यह चुनाव 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद पहला बीएमसी चुनाव है.


राजनीतिक समीकरण

अविभाजित शिवसेना ने बीएमसी पर 25 वर्षों तक शासन किया है। चुनाव से पहले, उद्धव और राज ठाकरे ने मराठी मतदाताओं को एकजुट करने के लिए फिर से साथ आने का निर्णय लिया है, जबकि पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में राकांपा के प्रतिद्वंद्वी गुटों ने गठबंधन किया है.


इस चुनाव में कांग्रेस ने मुंबई में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए महाविकास आघाडी (एमवीए) के अपने सहयोगियों से अलग राह अपनाई है. कांग्रेस ने प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाडी और राष्ट्रीय समाज पक्ष के साथ गठबंधन किया है.


नगर निगम चुनाव का महत्व

कुल 29 महानगर पालिकाओं के चुनाव छह साल के अंतराल के बाद हो रहे हैं, क्योंकि इनके कार्यकाल 2020 से 2023 के बीच समाप्त हो गए थे. इन नगर निगमों में छत्रपति संभाजीनगर, नवी मुंबई, वसई-विरार, कल्याण-डोंबिवली, कोल्हापुर, नागपुर, मुंबई, सोलापुर, अमरावती, अकोला, नासिक, पिंपरी-चिंचवड़, पुणे, उल्हासनगर, ठाणे, चंद्रपुर, परभणि, मीरा-भायंदर, नांदेड़-वाघाला, पनवेल, भिवंडी-निजामपुर, लातूर, मालेगांव, सांगली-मिराज-कुपवाड़, जलगांव, अहिल्यानगर, धुले, जालना और इचलकरंजी शामिल हैं.