महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था: 3 साल में सिंगापुर और UAE को पीछे छोड़ने का दावा
महाराष्ट्र की आर्थिक प्रगति
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में इनोवेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है, जिससे यह अगले दो से तीन वर्षों में सिंगापुर और UAE की अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ने की स्थिति में है। उन्होंने यह बात Jio World Centre में आयोजित 'ImagineX 2026' कार्यक्रम के दौरान कही। फडणवीस ने बताया कि महाराष्ट्र पहले ही दुनिया की 30वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और यह भारत के स्टार्टअप और यूनिकॉर्न का केंद्र बन गया है।
महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था का आकार
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था 660 अरब डॉलर है और यह 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य के करीब है। उन्होंने कहा कि 2015 में लगभग 14 लाख करोड़ रुपए की अर्थव्यवस्था अब 54 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई है, जो पिछले एक दशक में तीन गुना वृद्धि दर्शाती है। फडणवीस ने कहा कि राज्य ने औसत 10 प्रतिशत विकास दर बनाए रखी है और 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की उम्मीद है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का योगदान
फडणवीस ने कहा कि टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने AI के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक अलग विभाग और कमिश्नरेट स्थापित किया है। AI आधारित सिस्टम का उपयोग आपराधिक न्याय प्रणाली में किया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल और ब्लॉकचेन सक्षम हो गई है।
कृषि में AI का उपयोग
फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र ने निवेश में MoU को बदलने की दर 5560 प्रतिशत हासिल की है, जबकि राष्ट्रीय औसत 35 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि खेती में AI का उपयोग बढ़ रहा है, और सरकार के 'महाविस्तार' ऐप को 50 लाख किसानों ने डाउनलोड किया है। यह ऐप AI की मदद से कृषि सेवाएं प्रदान करता है और आदिवासी किसानों को उनकी मातृभाषा में सलाह लेने की सुविधा देता है।
