महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी

महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी बिजेंद्र कुमार गुप्ता को भिवंडी पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार किया है। इस मामले में पहले ही उसकी पत्नी और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 28 जून को होने वाली परीक्षा पेपर लीक के कारण रद्द कर दी गई थी, और नई तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी। इस मामले की जांच कर रही SIT ने कई गिरफ्तारियां की हैं, जिससे इस साजिश का पर्दाफाश हुआ है।
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मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी

भिवंडी पुलिस ने बिहार से महाराष्ट्र TET पेपर लीक के मुख्य आरोपी बिजेंद्र कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे 25 जुलाई को पुणे एयरपोर्ट पर लाया, जहां से उसे भिवंडी ले जाया जाएगा।


पुलिस के अनुसार, बिजेंद्र गुप्ता, जो इस पेपर लीक का मास्टरमाइंड है, पहले भी कई राज्यों में पेपर लीक मामलों में शामिल रहा है और हत्या के एक मामले में भी उसकी गिरफ्तारी हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि वह कई बार गिरफ्तार हुआ, लेकिन जमानत मिलने के बाद भाग जाता था और नकली पहचान के साथ अन्य राज्यों में सक्रिय हो जाता था।


बिजेंद्र की पत्नी की गिरफ्तारी

इससे पहले, पुलिस ने बिजेंद्र की पत्नी सुमन कुमारी को पटना से गिरफ्तार किया था।


नई TET परीक्षा की तारीख

28 जून को होने वाली राज्य TET परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के कारण रद्द कर दी गई थी। नई परीक्षा की तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी।


अन्य गिरफ्तारियां

SIT ने पहले ही इस मामले में तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कपिल दहिया, सोनू सिंह और मिथुन सिंह शामिल हैं।


पुलिस के अनुसार, सोनू सिंह, जो बिहार के हाजीपुर का निवासी है, स्थानीय बाजार में फोटोकॉपी की दुकान चलाता है। आरोप है कि उसने बिजेंद्र गुप्ता के कहने पर नकली पहचान पत्र बनाए और लीक हुए पेपर की कई प्रतियां तैयार कीं। उसे उसकी दुकान से गिरफ्तार किया गया।


मिथुन सिंह की भूमिका

मिथुन सिंह, बिजेंद्र गुप्ता का साढू है, और आरोप है कि वह इस साजिश का हिस्सा था। वह कपिल दहिया के साथ पुणे गया था ताकि लीक हुए TET पेपर के संभावित खरीदारों की तलाश की जा सके। उसे पटना में गिरफ्तार किया गया।


पेपर लीक का खुलासा

एक गुप्त सूचना के आधार पर, भिवंडी के DCP पवन बंसोडे ने एक गुप्त ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान, एक पुलिस इंस्पेक्टर ने संभावित खरीदार बनकर आरोपियों से संपर्क किया। जब आरोपियों को लगा कि उन्हें ग्राहक मिल गया है, तो उन्होंने बिजेंद्र गुप्ता से संपर्क किया।


गुप्ता ने लीक हुए पेपर के चार सेट राजीव कुमार और आकाश कुमार को भेजे। पुलिस ने कोंगांव के एक होटल में जाल बिछाया और धीरज सिंह, आकाश कुमार और राजीव कुमार को पेपर बेचने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार कर लिया।