महादेव सट्टेबाजी रैकेट का सरगना सौरभ चंद्राकर भारत लौट आया
महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट का खुलासा
महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप से जुड़े लगभग 6,000 करोड़ रुपये के कथित सट्टेबाजी रैकेट में जांच एजेंसियों को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। इस मामले के मुख्य आरोपी और कथित मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर को रविवार को ओमान से भारत लाया गया। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) लंबे समय से उसकी वापसी के प्रयास कर रहे थे। जून में मस्कट में हिरासत में लिए जाने के बाद से ही उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज कर दी गई थी।
जांच एजेंसियों की सक्रियता
सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी के बाद, जांच एजेंसियों ने महादेव ऐप के दूसरे सह-संस्थापक रवि उप्पल को दुबई से भारत लाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। इसके लिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अधिकारियों के साथ बातचीत चल रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क विदेश से संचालित किया जा रहा था और इसके तार भारत के कई राज्यों तक फैले हुए थे।
महादेव ऑनलाइन बुक सट्टेबाजी नेटवर्क का परिचय
प्रवर्तन निदेशालय की जांच के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक (MOB) ने 2019-20 के दौरान अपना कथित अवैध कारोबार शुरू किया था। इसके माध्यम से क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, बैडमिंटन जैसे खेलों पर सट्टा लगाया जाता था। यहां तक कि चुनावी नतीजों पर भी दांव लगाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती थी।
कोरोना महामारी के दौरान बढ़ा सट्टेबाजी का कारोबार
जांच एजेंसी का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान वर्ष 2020 में इस ऐप के उपयोगकर्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ी। इसके बाद इस नेटवर्क का विस्तार लगातार होता गया। छत्तीसगढ़ के भिलाई में छोटे कारोबारी के रूप में काम शुरू करने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने इस कारोबार को बड़े स्तर तक पहुंचाया।
सट्टेबाजी का फ्रेंचाइजी मॉडल
जांच एजेंसी के अनुसार, महादेव ऐप का नेटवर्क पिरामिड जैसी संरचना में काम करता था। इसमें सट्टेबाजी के पैनल अलग-अलग लोगों को फ्रेंचाइजी के रूप में दिए जाते थे। प्रत्येक पैनल का एक संचालक होता था और आमतौर पर उसके साथ चार कर्मचारी काम करते थे।
116 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र, 14 गिरफ्तार
महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले में ED अब तक 116 लोगों के खिलाफ छह आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। जांच एजेंसी ने इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार भी किया है। वहीं, CBI महादेव ऑनलाइन बुक से जुड़े दो मामलों की जांच कर रही है।
भूपेश बघेल का नाम भी आया सामने
महादेव ऐप मामले की जांच में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम भी सामने आया है। CBI ने इस मामले की FIR में उन्हें आरोपी के रूप में नामजद किया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्हें अब तक किसी आरोपपत्र में आरोपी के तौर पर शामिल नहीं किया गया है।
सौरभ चंद्राकर की वापसी का महत्व
सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी को महादेव ऐप मामले की जांच में महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है। अब जांच एजेंसियों का अगला बड़ा लक्ष्य रवि उप्पल को भारत लाना है, ताकि कथित सट्टेबाजी नेटवर्क के संचालन और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच को आगे बढ़ाया जा सके।
