महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में बड़ी गिरफ्तारी: रवि उप्पल दुबई में पकड़े गए

महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप से जुड़े मामले में भारतीय जांच एजेंसियों को एक और सफलता मिली है। सह-प्रवर्तक रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाया गया है। यह गिरफ्तारी अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क के खिलाफ चल रही जांच में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और आगे की कार्रवाई के बारे में।
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महादेव ऐप सट्टेबाजी मामले में नई गिरफ्तारी


नई दिल्ली। हाल ही में महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप से जुड़े मामले में भारतीय जांच एजेंसियों को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। सट्टेबाजी सिंडिकेट के प्रमुख सौरभ चंद्राकर के ओमान से भारत लाए जाने के कुछ ही दिनों बाद, ऐप के सह-प्रवर्तक रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किया गया है। भारतीय जांच एजेंसियों को अनौपचारिक स्रोतों से उप्पल की गिरफ्तारी की जानकारी मिली है, लेकिन यूएई के अधिकारियों ने अभी तक इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।


प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) अब रवि उप्पल को भारत लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया में जुट गए हैं, ताकि मामले की आगे की जांच की जा सके। यदि यह जानकारी आधिकारिक रूप से पुष्टि हो जाती है, तो यह अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के खिलाफ चल रही जांच में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। उल्लेखनीय है कि रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर ने मिलकर 'महादेव ऑनलाइन बुक' सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म की स्थापना की थी और वे दुबई से इस सिंडिकेट का संचालन कर रहे थे। दोनों आरोपी 2019 में भारत छोड़कर भाग गए थे और जांच एजेंसियों की चार्जशीट में मुख्य आरोपियों के रूप में नामित हैं।


इससे पहले, रवि उप्पल को दिसंबर 2023 में इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर दुबई में हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया था। उसके बाद से उप्पल के ठिकाने के बारे में कोई सटीक जानकारी नहीं थी, और उसने अपने खिलाफ जारी रेड नोटिस को यह कहते हुए चुनौती दी थी कि उसके खिलाफ मामले राजनीतिक प्रेरित हैं। प्रवर्तन निदेशालय इस सट्टेबाजी सिंडिकेट के वित्तीय तंत्र, फर्जी बैंक खातों के नेटवर्क, हवाला ऑपरेटरों और विदेशी संस्थाओं के माध्यम से काले धन को सफेद करने के आरोपों की गहन जांच कर रहा है।


जांच अधिकारियों के अनुसार, महादेव ऐप भारत भर में फ्रेंचाइजी-आधारित सट्टेबाजी पैनलों और शाखाओं के माध्यम से कार्य करता था। इन पैनलों के जरिए उपयोगकर्ताओं से सट्टे की राशि एकत्र की जाती थी और फिर हवाला चैनलों के माध्यम से फंड को विदेश भेजा जाता था। हाल ही में मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत प्रत्यर्पित किया गया है, जो सीबीआई और ईडी के कई मामलों में वांछित था। अब चंद्राकर के भारत में होने और उप्पल की गिरफ्तारी से जांच एजेंसियां सिंडिकेट के वित्तीय तंत्र और इसके सहयोगियों का पर्दाफाश करने के लिए अपनी जांच को और तेज करने की योजना बना रही हैं।