महबूबा मुफ्ती ने विरोध प्रदर्शन में भाग लेने से किया इनकार, अनुच्छेद 370 पर उठाए सवाल
महबूबा मुफ्ती ने पीडीपी के लिए जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शन में भाग लेने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि केवल राज्य की मांग करना उचित नहीं है। मुफ्ती ने अनुच्छेद 370 को मुख्य मुद्दा बताते हुए सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया है। उन्होंने राजनीतिक कैदियों की रिहाई और सामाजिक-राजनीतिक संगठनों पर लगे प्रतिबंध हटाने की मांग की। मुफ्ती ने इस मुद्दे पर नेशनल कॉन्फ्रेंस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
| Jul 18, 2026, 15:45 IST
महबूबा मुफ्ती का विरोध प्रदर्शन पर बयान
पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने स्पष्ट किया कि पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के लिए ऐसे विरोध प्रदर्शनों में शामिल होना उचित नहीं है, जिनका मुख्य उद्देश्य केवल राज्य की मांग करना हो। इस संदर्भ में, उन्होंने जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध में शामिल होने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस का निमंत्रण ठुकरा दिया। मुफ्ती ने कहा कि एक ईमानदार और प्रभावी राजनीतिक प्रक्रिया तभी संभव है जब मूलभूत मुद्दों का समाधान किया जाए।
अनुच्छेद 370 पर महबूबा मुफ्ती की चिंताएँ
मुफ्ती ने अनुच्छेद 370 को एक महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को पत्र लिखकर सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया। उन्होंने इस बैठक में राजनीतिक कैदियों की रिहाई और जमात-ए-इस्लामी जैसे सामाजिक-राजनीतिक संगठनों पर लगे प्रतिबंध हटाने की मांग की। मुफ्ती ने अब्दुल्ला को अपने पत्र में लिखा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की सम्मानजनक आकांक्षाओं को केवल राज्य का दर्जा बहाल करने की संकीर्ण मांग तक सीमित करना अन्यायपूर्ण और विश्वासघात होगा।
उन्होंने कहा कि केवल राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए एकजुट होकर विरोध करना, जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करने के गैर-कानूनी कदम को सही ठहराने जैसा होगा। इसे 5 अगस्त को हमारे सामूहिक इतिहास के सबसे काले दिन के समर्थन के रूप में भी देखा जा सकता है। मुफ्ती ने स्पेशल स्टेटस पर ध्यान दिए बिना राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को दिखावटी बताया।
नेशनल कॉन्फ्रेंस का विरोध प्रदर्शन
नेशनल कॉन्फ्रेंस, राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन, यानी 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर धरना देने की योजना बना रही है। इस विरोध प्रदर्शन में नेशनल कॉन्फ्रेंस के सभी विधायक और सांसद शामिल होंगे। हालांकि, NC सांसद आगा रुहुल्लाह मेहदी ने कहा कि उन्हें इसमें शामिल होने का निमंत्रण नहीं मिला है और वह ऐसे किसी विरोध प्रदर्शन का हिस्सा नहीं बनेंगे जिसमें अनुच्छेद 370 की बहाली से कमतर किसी चीज़ की मांग की जा रही हो।
महबूबा मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस पर 5 अगस्त, 2019 के संवैधानिक बदलावों को सामान्य दिखाने का आरोप लगाया है।
