महबूबा मुफ्ती ने ममता बनर्जी को शेरनी बताया, केंद्रीय एजेंसियों पर उठाए सवाल

महबूबा मुफ्ती ने ममता बनर्जी को शेरनी की उपमा देते हुए उनकी बहादुरी की प्रशंसा की। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में केंद्रीय एजेंसियों की छापेमारी को लेकर चिंता व्यक्त की और कहा कि यह स्थिति अन्य राज्यों में भी फैल रही है। मुफ्ती ने जम्मू के लिए अलग राज्य की मांग को अनुचित बताया और श्री माता वैष्णो देवी चिकित्सा संस्थान के बंद होने पर भी सवाल उठाए।
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महबूबा मुफ्ती ने ममता बनर्जी को शेरनी बताया, केंद्रीय एजेंसियों पर उठाए सवाल

महबूबा मुफ्ती का ममता बनर्जी के प्रति समर्थन

पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को शेरनी की उपमा देते हुए उनकी बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि ममता आत्मसमर्पण नहीं करेंगी, खासकर जब ईडी ने कोलकाता में आईपीएसी कार्यालय पर छापेमारी की। मुफ्ती ने यह भी बताया कि जम्मू-कश्मीर अब एक परीक्षण प्रयोगशाला बन चुका है, और यह स्थिति अन्य राज्यों में भी देखने को मिल रही है।




महबूबा मुफ्ती ने स्पष्ट किया कि उन्हें उम्मीद है कि ममता बनर्जी साहसिक कदम उठाएंगी। उन्होंने अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला की गिरफ्तारी का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय अधिकांश राजनीतिक दलों ने चुप्पी साधी थी। अब यह स्थिति पूरे देश में फैल रही है।


जम्मू के लिए अलग राज्य की मांग पर महबूबा का बयान

जम्मू क्षेत्र के लिए अलग राज्य की मांग पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यह कदम उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जम्मू में जो माहौल बनाया जा रहा है, वह जिन्ना के दो-राष्ट्र सिद्धांत को नकारने के खिलाफ है। अगर धर्म के आधार पर जम्मू-कश्मीर का विभाजन किया जाता है, तो यह गलत होगा।




इसके अलावा, श्री माता वैष्णो देवी चिकित्सा उत्कृष्टता संस्थान के बंद होने पर भी महबूबा ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह निर्णय गलत था और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए था।