महबूबा मुफ्ती ने जावेद अख्तर के बयान पर उठाए सवाल

महबूबा मुफ्ती ने जावेद अख्तर के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे ए आर रहमान की बॉलीवुड में सांप्रदायिकता को लेकर चिंताओं को खारिज कर रहे हैं। मुफ्ती ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे अनुभवों को नजरअंदाज करना भारतीय मुसलमानों की वास्तविकताओं को नहीं बदलता। इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए, उन्होंने शबाना आज़मी के अनुभवों का भी उल्लेख किया, जो इस विषय को और अधिक महत्वपूर्ण बनाते हैं।
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महबूबा मुफ्ती ने जावेद अख्तर के बयान पर उठाए सवाल

महबूबा मुफ्ती की प्रतिक्रिया

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता महबूबा मुफ्ती ने रविवार को जावेद अख्तर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे बॉलीवुड में सांप्रदायिकता को लेकर ए आर रहमान की चिंताओं को नजरअंदाज कर रहे हैं।


मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, 'जब जावेद अख्तर ए आर रहमान की बॉलीवुड में बढ़ते सांप्रदायिकरण के बारे में चिंताओं को खारिज करते हैं, तो वे भारतीय मुसलमानों के वास्तविक अनुभवों का खंडन कर रहे हैं। इसमें उनकी पत्नी शबाना आज़मी के अनुभव भी शामिल हैं, जिन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि उन्हें मुंबई जैसे बड़े शहर में केवल मुसलमान होने के कारण मकान किराए पर नहीं दिया गया।'


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अख्तर ने यह भी कहा कि रहमान को बॉलीवुड में काम के अवसरों की कमी में कोई सांप्रदायिक तत्व नहीं है। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा, 'बॉलीवुड हमेशा से देश की सामाजिक सच्चाइयों का एक जीवंत प्रतिबिंब रहा है। ऐसे अनुभवों को नजरअंदाज करने से भारत की वर्तमान स्थिति नहीं बदलती।'