महबूबा मुफ्ती का विवादास्पद प्रदर्शन: उल्टा पकड़ा गया राष्ट्रीय ध्वज

महबूबा मुफ्ती, पीडीपी प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री, ने हाल ही में श्रीनगर में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान उल्टा राष्ट्रीय ध्वज पकड़ा। यह घटना अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 और 35ए के निष्प्रभावी होने के खिलाफ थी। अधिकारियों ने बताया कि यह गलती से हुआ था और अब मुफ्ती के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और ध्वज संहिता के नियम।
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श्रीनगर में महबूबा मुफ्ती का धरना

श्रीनगर, चार अगस्त: पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार रात एक विरोध प्रदर्शन के दौरान उल्टा राष्ट्रीय ध्वज पकड़े जाने के कारण विवाद में आ गईं। उन्होंने अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए को समाप्त किए जाने के खिलाफ श्रीनगर स्थित पीडीपी कार्यालय के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ धरना दिया। इस दौरान, मुफ्ती ने राष्ट्रध्वज के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर राज्य का झंडा भी थाम रखा था।


अधिकारियों के अनुसार, यह घटना गलती से हुई थी, जिसमें राष्ट्रध्वज उल्टा पकड़ा गया था। इस मामले में अब पीडीपी प्रमुख के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है, क्योंकि भारत की ध्वज संहिता के अनुसार, राष्ट्रध्वज को गलत तरीके से प्रदर्शित करना एक गंभीर उल्लंघन है।


ध्वज संहिता के अनुसार, राष्ट्रध्वज में सबसे ऊपर केसरिया रंग, बीच में सफेद रंग और सबसे नीचे हरा रंग होना चाहिए। इसके साथ ही, सफेद रंग पर 24 तीलियों वाला गहरे नीले रंग का अशोक चक्र होना अनिवार्य है।