मलयालम अभिनेता सलीम कुमार का निधन: पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि
सलीम कुमार का निधन
मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के प्रसिद्ध अभिनेता सलीम कुमार का निधन हाल ही में हुआ, जिससे पूरे सिनेमा जगत में शोक की लहर दौड़ गई। 56 वर्ष की आयु में, उन्होंने कोच्ची के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया है और एक पोस्ट के माध्यम से अपनी संवेदनाएं साझा की हैं। सलीम कुमार ने अपने करियर में 322 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया और तीन फिल्मों का निर्देशन भी किया, जिससे उन्होंने एक विशाल सिनेमाई धरोहर छोड़ी है। उनके बेटे भी फिल्म इंडस्ट्री में अपने लिए जगह बना रहे हैं।
पीएम मोदी का शोक संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने सलीम कुमार के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए एक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा, 'दिग्गज अभिनेता सलीम कुमार जी के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। अपने शानदार करियर के दौरान, उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा और विभिन्न भूमिकाओं में यादगार प्रदर्शनों से एक अमिट छाप छोड़ी। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।'
सलीम कुमार का परिवार
सलीम कुमार के परिवार में उनकी पत्नी सुनीता और दो बेटे चंदू और आरोमल शामिल हैं। चंदू ने भी फिल्म उद्योग में अपने पिता की तरह एक अभिनेता के रूप में पहचान बनाई है। हाल ही में, उन्हें कल्याणी प्रियदर्शन के साथ 'लोका चैप्टर वन: चंद्र' में देखा गया था। इसके अलावा, उन्होंने 'मंजुम्मेल बॉयज़' जैसी सफल फिल्मों में भी काम किया है।
स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं
सलीम कुमार का स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें कोच्चि के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वे वेंटिलेटर पर थे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, अभिनेता निमोनिया का इलाज करा रहे थे और कुछ साल पहले उनका लिवर प्रत्यारोपण भी हुआ था। उनका अंतिम संस्कार आज शाम उनके निवास पर पुलिस सम्मान के साथ किया जाएगा।
सलीम कुमार का फिल्मी सफर
सलीम कुमार ने 1997 में 'इष्टमनु नूरु वट्टम' फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की। इससे पहले, वे थिएटर और टीवी कॉमेडी कार्यक्रमों के माध्यम से केरल के मनोरंजन क्षेत्र में सक्रिय थे। उन्होंने 'कलाभवन' के सदस्य के रूप में मिमिक्री में पहचान बनाई और बाद में मलयालम टीवी पर कॉमेडी शो के जरिए प्रसिद्ध हुए। उनकी असली सफलता 2000 में आई फिल्म 'सत्यमेव जयते' से मिली। इसके अलावा, उन्होंने 'दैवमे कैथोज़म' जैसी फिल्मों का निर्देशन भी किया।
