मलमास 2026: इस महीने में न करें ये 7 काम, वरना भुगतना पड़ सकता है नुकसान
मलमास 2026 की जानकारी
मलमास 2026: मलमास की अवधि 17 मई 2026 से शुरू हो चुकी है। यह ध्यान देने योग्य है कि सूर्य और चंद्र वर्ष के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए हर तीन साल में एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है, जिसे मलमास या अधिक मास कहा जाता है। यह माह हिंदू पंचांग के अन्य महीनों से भिन्न माना जाता है, और इस दौरान कुछ कार्यों को करना वर्जित समझा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मलमास का कोई विशेष देवता नहीं है और इस महीने में सूर्य संक्रांति नहीं आती, इसलिए इसे मलिन मास या मलमास कहा गया है।
मलमास की पौराणिक कथा
धार्मिक ग्रंथों में वर्णित कथा के अनुसार, मलमास को अन्य महीनों की तरह सम्मान नहीं मिला। एक बार मलमास अपनी समस्या लेकर भगवान विष्णु के पास गए और अपनी दुर्दशा बताई। भगवान विष्णु ने उन्हें आश्वासन दिया कि तुम्हारा नाम मेरे नाम से जाना जाएगा, और तभी से मलमास को पुरुषोत्तम मास कहा जाने लगा। भगवान विष्णु ने यह भी कहा कि इस महीने में जो लोग दान, परोपकार, और दीपदान जैसे शुभ कार्य करेंगे, उन्हें कई गुना अधिक फल प्राप्त होगा। इसलिए आध्यात्मिक और धार्मिक कार्य इस दौरान करना शुभ माना जाता है। लेकिन इस दौरान किन कार्यों से बचना चाहिए, इसके बारे में नीचे बताया गया है।
- विवाह और सगाई: मलमास के दौरान विवाह या सगाई नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से दांपत्य जीवन में समस्याएं आ सकती हैं।
- मुंडन और जनेऊ: इस माह में मुंडन और जनेऊ संस्कार करना भी शुभ नहीं होता। इससे जीवन में नकारात्मकता आ सकती है।
- गृह प्रवेश: नए घर में प्रवेश करना भी इस दौरान वर्जित है। ऐसा करने से परिवार में कलह हो सकती है।
- नया कारोबार: मलमास में नया कारोबार शुरू करना भी अच्छा नहीं माना जाता। इससे आपको नुकसान हो सकता है।
- सोने-चांदी की खरीदारी: इस अवधि में कीमती आभूषण खरीदने से बचना चाहिए।
- भूमि और घर की खरीद: नई भूमि या घर खरीदने से दूर रहना चाहिए।
- तामसिक भोजन: इस माह में तामसिक भोजन से बचना चाहिए। मांस और मदिरा का सेवन करने से जीवन में परेशानियां आ सकती हैं।
