मराठा आरक्षण पर भूख हड़ताल: मुख्यमंत्री फडणवीस का समर्थन

मुंबई में मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारंगे ने भूख हड़ताल शुरू की, जिस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार कानूनी और संवैधानिक तरीके से समाधान खोजने के लिए प्रतिबद्ध है। जारंगे ने कहा कि जब तक समुदाय की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वह अनशन जारी रखेंगे। फडणवीस ने यह भी बताया कि सरकार ने जारंगे की मांगों पर विचार करने के लिए एक कैबिनेट उप-समिति का गठन किया है।
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मराठा आरक्षण पर भूख हड़ताल: मुख्यमंत्री फडणवीस का समर्थन

मुख्यमंत्री का बयान

शुक्रवार को मुंबई के आजाद मैदान में मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारंगे ने भूख हड़ताल शुरू की। इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उनकी सरकार कानूनी और संवैधानिक तरीके से समाधान खोजने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी सरकार हमेशा मराठा समुदाय के साथ खड़ी है। जारंगे ने अपने अनशन की शुरुआत दक्षिण मुंबई में हजारों समर्थकों के बीच की और कहा कि जब तक समुदाय की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वह अनशन जारी रखेंगे। इस प्रदर्शन के कारण शहर के कई हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ। फडणवीस ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मनोज जारंगे पाटिल ने लोगों से इस आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया है। 


सरकार का सहयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सहयोग कर रही है और आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से चल रहा है। कुछ स्थानों पर सड़कें जाम की गईं हैं और कुछ लोग आंदोलन में बाधा डालने का प्रयास कर सकते हैं। आरक्षण के मुद्दे पर उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन तनाव कम करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। फडणवीस ने कहा, "हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दो समुदाय एक-दूसरे के खिलाफ न खड़े हों।" उन्होंने यह भी कहा कि राज्य किसी भी समूह के साथ अन्याय नहीं होने देगा।


मुख्यमंत्री का बचाव

फडणवीस ने अपनी सरकार के पिछले कार्यों का बचाव करते हुए कहा कि चाहे आरक्षण का मामला हो, रोजगार के अवसरों का सृजन हो, या निगमों की स्थापना, उनकी सरकार ने मराठा समुदाय के लिए कई कदम उठाए हैं और आगे भी उठाती रहेगी। उन्होंने बताया कि नौकरियों और शिक्षा में मराठों के लिए 10 प्रतिशत कोटा पहले से लागू है और भर्ती प्रक्रियाएँ भी चल रही हैं। 


विपक्ष पर निशाना

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग आंदोलन को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे बयानों से बचना चाहिए जो आंदोलन को भड़काने के इरादे से दिए गए हैं। फडणवीस ने कहा, "हम बातचीत के माध्यम से समाधान निकालेंगे। लोगों को गुमराह करना गलत है।" सरकार ने जारंगे की मांगों पर विचार करने के लिए मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल की अध्यक्षता में एक कैबिनेट उप-समिति का गठन किया है। उन्होंने कहा, "यह समिति कानूनी और संवैधानिक ढांचे के भीतर समाधान निकालेगी।