मराठा आरक्षण आंदोलन: मनोज जरांगे की भूख हड़ताल जारी

मनोज जरांगे ने मुंबई के आजाद मैदान में मराठा आरक्षण के लिए अपनी भूख हड़ताल जारी रखी है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सभी मराठों को ओबीसी के तहत आरक्षण दिया जाए। प्रदर्शन के दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसमें बुनियादी सुविधाओं की कमी शामिल है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सरकार की सकारात्मक प्रतिक्रिया का आश्वासन दिया है। जानें इस आंदोलन के बारे में और क्या हो रहा है।
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मराठा आरक्षण आंदोलन: मनोज जरांगे की भूख हड़ताल जारी

मनोज जरांगे की भूख हड़ताल का दूसरा दिन

मराठा आरक्षण के लिए संघर्ष कर रहे नेता मनोज जरांगे ने शनिवार को मुंबई के ऐतिहासिक आजाद मैदान में अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनके समुदाय की मांगें पूरी नहीं होतीं, वह पीछे नहीं हटेंगे। रात भर हुई बारिश के कारण जरांगे और उनके समर्थकों को कीचड़ से जूझना पड़ा और उन्होंने बुनियादी सुविधाओं की कमी, जैसे शौचालयों में पानी की कमी, की शिकायत की। उनकी मांग है कि सभी मराठों को नौकरी और शिक्षा में आरक्षण के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के तहत कुनबी के रूप में मान्यता दी जाए।


विरोध प्रदर्शन में चुनौतियाँ

मनोज जरांगे का विरोध प्रदर्शन

मनोज जरांगे की सरकार के खिलाफ यह लड़ाई जारी है। पहले दिन प्रदर्शनकारियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। हजारों प्रदर्शनकारी, जिनमें मनोज जरांगे भी शामिल थे, कारों में मुंबई पहुंचे, जिससे दक्षिण मुंबई में भारी ट्रैफिक जाम लग गया। आज़ाद मैदान में प्रदर्शन जारी है, लेकिन वहां रोशनी की कमी है। इस पर जरांगे ने नगर निगम पर आरोप लगाया कि उन्होंने 50-60 साल तक सत्ता का आनंद लिया है और अब भी बुनियादी सुविधाएं प्रदान नहीं कर रहे हैं।


सरकार की सकारात्मक प्रतिक्रिया

राज्य सरकार का रुख

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि राज्य सरकार मराठा समुदाय के मुद्दों को हल करने के लिए सकारात्मक है, बशर्ते ये सामाजिक और वित्तीय प्रकृति के हों। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडलीय उप-समिति जरांगे की मांगों पर चर्चा कर रही है और संवैधानिक ढांचे के भीतर समाधान खोजने का प्रयास कर रही है। जरांगे ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने आरक्षण की मांग पर निर्णय में देरी की, तो वह अगले दो दिन में पानी पीना बंद कर देंगे और और अधिक मराठा मुंबई आएंगे।


समर्थन और आंदोलन का विस्तार

समर्थन की लहर

जरांगे ने कहा कि यदि सरकार आरक्षण की घोषणा में देरी करती है, तो और अधिक मराठा मुंबई आएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मराठा और ओबीसी को बांटने की कोशिश कर रही है। विपक्षी दलों के कई सांसदों और विधायकों ने आजाद मैदान में जरांगे से मुलाकात की और अपना समर्थन व्यक्त किया।


छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस का महत्व

प्रदर्शनकारियों का केंद्र

छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस आंदोलन का एक प्रमुख केंद्र बन गया है, जहां सैकड़ों लोग दूसरे दिन के लिए तैयारी कर रहे हैं। कई प्रदर्शनकारियों ने बीएमसी पर शौचालय और पानी की सुविधाएं उपलब्ध न कराने का आरोप लगाया। यह जरांगे का सातवां प्रदर्शन है, और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि वादे के अनुसार कदम नहीं उठाए गए, तो वह मुंबई में बड़े आंदोलन का नेतृत्व करेंगे।