ममता बनर्जी ने अमित शाह की टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने चुनावी रैली में शाह को चुनौती देते हुए कहा कि वे बार-बार मौत के मुंह से लौट चुकी हैं। इसके अलावा, ममता ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वे राज्य की छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा सत्ता में आने पर जन कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर देगी। इस विवाद में ममता का साहसिक बयान और भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाना चर्चा का विषय बना हुआ है।
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ममता बनर्जी ने अमित शाह की टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की नाराजगी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की हालिया टिप्पणियों पर अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की। दरअसल, अमित शाह ने एक दिन पहले तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ 'राजनीतिक आरोपपत्र' जारी करते हुए ममता पर विक्टिम कार्ड खेलने का आरोप लगाया था। शाह ने कहा कि चुनाव के समय ममता अपनी चोटों और चुनाव आयोग को मुद्दा बनाकर सहानुभूति बटोरने का प्रयास करती हैं।


ममता का साहसिक बयान

पुरुलिया जिले के मानबाजार में एक चुनावी रैली में बोलते हुए, ममता बनर्जी ने अमित शाह को सीधी चुनौती दी। उन्होंने कहा, 'जो लोग यह कहते हैं कि मैं चुनाव के दौरान पट्टी बांधकर चलती हूं, उन्हें मेरी विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट देखनी चाहिए। मैं बार-बार मौत के मुंह से लौटकर आई हूं।' उन्होंने भाजपा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या 2021 के चुनाव के दौरान उन्हें जानबूझकर चोट पहुंचाई गई थी और क्या अब उनकी जान को खतरा है?


अमित शाह के खिलाफ चार्जशीट की मांग

टीएमसी सरकार के खिलाफ अमित शाह द्वारा जारी आरोपपत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि शाह के खिलाफ उनके पुराने कृत्यों के लिए चार्जशीट दाखिल होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता केवल राज्य की छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि उनकी सरकार ने बंगाल के विकास के लिए निरंतर प्रयास किए हैं।


जन कल्याणकारी योजनाओं पर खतरा

ममता बनर्जी ने राज्य की महिलाओं को चेतावनी दी कि यदि भाजपा सत्ता में आती है, तो वह 'लक्ष्मी भंडार' जैसी लोकप्रिय योजनाओं को समाप्त कर देगी। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा लोगों की खान-पान की पसंद और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर पाबंदी लगाने का प्रयास करेगी।