ममता बनर्जी की पार्टी ने कमाई में हासिल किया दूसरा स्थान, चंदे में भी रही सबसे आगे
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को मिली राहत
पश्चिम बंगाल में हालिया राजनीतिक उथल-पुथल और चुनावी चुनौतियों के बीच, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए एक सकारात्मक समाचार आया है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) देश की सबसे अधिक आय अर्जित करने वाली क्षेत्रीय पार्टियों में दूसरे स्थान पर रही है। पार्टी ने वित्त वर्ष 2024-25 में 219.35 करोड़ रुपये की आय की घोषणा की, जिसमें उसे 184.08 करोड़ रुपये का चंदा भी प्राप्त हुआ।
AITC की आय और चंदे का विवरण
ADR की रिपोर्ट में बताया गया है कि तेलुगु देशम पार्टी (TDP) ने सबसे अधिक 228.31 करोड़ रुपये की आय दर्ज की, जबकि ममता बनर्जी की पार्टी ने 219.35 करोड़ रुपये की आय के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया। YSR कांग्रेस ने 140.39 करोड़ रुपये की कमाई के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि अध्ययन में शामिल शीर्ष पांच क्षेत्रीय पार्टियों ने कुल आय में लगभग 69 प्रतिशत का योगदान दिया।
चंदे में तृणमूल कांग्रेस का प्रमुख स्थान
रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्रीय दलों की आय का मुख्य स्रोत स्वैच्छिक योगदान और चंदा रहा। कुल 702.36 करोड़ रुपये का चंदा और योगदान दर्ज किया गया, जो कुल आय का 58.88 प्रतिशत है। इस मामले में AITC सबसे आगे रही, जिसने 184.08 करोड़ रुपये का चंदा प्राप्त किया। इसके बाद YSR कांग्रेस को 140.05 करोड़ रुपये और TDP को 85.20 करोड़ रुपये का योगदान मिला। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह आंकड़ा दर्शाता है कि ममता बनर्जी की पार्टी की फंड जुटाने की क्षमता मजबूत बनी हुई है।
आय में गिरावट, खर्च में वृद्धि
ADR की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 36 क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियों की कुल आय में भारी गिरावट आई है। वित्त वर्ष 2023-24 में इन पार्टियों की कुल आय 2,463.17 करोड़ रुपये थी, जो 2024-25 में घटकर 1,192.94 करोड़ रुपये रह गई। इस प्रकार, कुल आय में 51.57 प्रतिशत की कमी आई। हालांकि, आय में कमी के बावजूद पार्टियों का खर्च कम नहीं हुआ। इन 36 पार्टियों ने मिलकर 1,433.07 करोड़ रुपये खर्च किए, जो उनकी कुल कमाई से लगभग 240 करोड़ रुपये अधिक है।
AITC का खर्च और चुनाव प्रचार
रिपोर्ट के अनुसार, 21 क्षेत्रीय पार्टियों ने अपनी आय से अधिक खर्च किया, जिसमें तृणमूल कांग्रेस भी शामिल है। AITC ने 227.59 करोड़ रुपये का खर्च दिखाया, जो उसकी कुल आय से अधिक है। YSR कांग्रेस सबसे अधिक घाटे में रही, जिसने अपनी आय से 199.82 करोड़ रुपये ज्यादा खर्च किए। इसके अलावा, BRS, BJD, जनता दल यूनाइटेड और समाजवादी पार्टी ने भी आय से अधिक खर्च दर्ज किया। कई क्षेत्रीय पार्टियों ने अपने कुल खर्च का बड़ा हिस्सा चुनाव प्रचार में लगाया, जिसमें YSR कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 299.92 करोड़ रुपये खर्च किए।
