मध्य प्रदेश में शादी समारोह के दौरान स्मार्ट वॉच के फटने से बच्चा झुलसा

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में एक शादी समारोह के दौरान एक 10 वर्षीय बच्चे की स्मार्ट वॉच के फटने से हड़कंप मच गया। इस घटना में बच्चा गंभीर रूप से झुलस गया, जबकि उसके छोटे भाई को भी चोटें आईं। यह घटना तकनीकी उपकरणों की सुरक्षा पर सवाल उठाती है। जानें इस घटना के बारे में और स्मार्ट गैजेट्स के उपयोग में सावधानी बरतने के उपाय।
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मध्य प्रदेश में शादी समारोह के दौरान स्मार्ट वॉच के फटने से बच्चा झुलसा gyanhigyan

नर्मदापुरम में हुई घटना

मध्य प्रदेश में शादी समारोह के दौरान स्मार्ट वॉच के फटने से बच्चा झुलसा

नर्मदापुरम: मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले से एक चिंताजनक घटना सामने आई है। यहां एक शादी समारोह में एक 10 वर्षीय बच्चे की कलाई पर बंधी स्मार्ट वॉच अचानक फट गई, जिससे समारोह की खुशियां चिंता में बदल गईं।

इस विस्फोट में बच्चा गंभीर रूप से झुलस गया और उसके पास बैठा उसका छोटा भाई भी इस हादसे का शिकार हो गया। यह घटना तकनीकी उपकरणों के बढ़ते उपयोग के बीच सुरक्षा के मुद्दों को उजागर करती है।

घटना का स्थान और समय:
यह घटना नर्मदापुरम के इटारसी रोड पर स्थित एक विवाह गार्डन में हुई। ग्राम चांदोन के निवासी दो भाई, वेदांत और सूर्यांश चौधरी, अपनी बुआ की बेटी की शादी में शामिल होने आए थे। रविवार रात जब समारोह चल रहा था, तब दोनों भाई एक साथ बैठे थे।

सूर्यांश भी झुलस गया:
वेदांत ने अपनी कलाई पर स्मार्ट वॉच पहन रखी थी। अचानक घड़ी में जोरदार धमाका हुआ और धुआं निकलने लगा।

धमाका इतना तेज था कि वेदांत की कलाई की त्वचा बुरी तरह झुलस गई, जबकि पास बैठे सूर्यांश को भी हल्की चोटें आईं।

घड़ी की बैटरी चार दिन पहले चार्ज की गई थी:
जानकारी के अनुसार, यह स्मार्ट वॉच Noise कंपनी की थी। इसे लगभग एक साल पहले ऑनलाइन खरीदा गया था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के समय घड़ी चार्ज पर नहीं थी। इसे चार दिन पहले चार्ज किया गया था। बिना किसी बाहरी कारण के घड़ी का फटना तकनीकी खराबी का संकेत है।

स्मार्ट गैजेट्स के उपयोग में सावधानी:
आजकल स्मार्ट वॉच का उपयोग बच्चों और बड़ों दोनों में बढ़ रहा है, लेकिन ऐसी घटनाएं सतर्क रहने की आवश्यकता को दर्शाती हैं।

घड़ी के साथ आए ओरिजिनल चार्जर का ही उपयोग करें। मोबाइल एडाप्टर से चार्ज न करें।
बैटरी फुल होने पर प्लग हटा दें। रातभर चार्जिंग पर न छोड़ें।
अगर घड़ी में कोई दरार है, तो उसे न पहनें। नमी से शॉर्ट सर्किट हो सकता है।
अगर पहनते समय घड़ी गर्म हो जाए, तो तुरंत उतार दें।
सस्ती घड़ियों की बैटरियां दबाव या गर्मी सहन नहीं कर पातीं और फट जाती हैं।
अगर घड़ी में पानी या पसीना चला जाए, तो शॉर्ट सर्किट हो सकता है।
अगर घड़ी की बॉडी उभरी हुई दिखे, तो बैटरी खराब हो चुकी है।
अगर घड़ी से जलने की महक आए, तो उसका उपयोग बंद कर दें।
अगर स्क्रीन काली हो जाए या झिलमिलाने लगे, तो यह अंदरूनी गड़बड़ी का संकेत है।
बच्चों को रात में सोते समय घड़ी पहनने से रोकें।
भले ही घड़ी वाटरप्रूफ हो, नहाते समय या तैरते समय उसे उतारना ही सुरक्षित है।