मध्य प्रदेश में बीजेपी के उपचुनाव पर नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से बवाल

मध्य प्रदेश की बीजेपी में नरोत्तम मिश्रा का उपचुनाव के लिए टिकट काटने से राजनीतिक भूचाल आ गया है। उनके समर्थकों ने झांसी हाईवे पर 'चक्का जाम' कर दिया और पुलिस पर पथराव किया। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की कहानी और नरोत्तम मिश्रा के राजनीतिक सफर के बारे में।
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बीजेपी में उठा राजनीतिक तूफान

मध्य प्रदेश की दतिया यूनिट में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में एक बड़ा राजनीतिक संकट उत्पन्न हो गया है। पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का उपचुनाव के लिए टिकट काट दिया गया है, जिसके चलते पार्टी के जिला अध्यक्ष रघुवीर सरन और कई पार्षदों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया।


नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने से नाराज उनके समर्थकों ने झांसी हाईवे (NH-44) पर 'चक्का जाम' कर दिया। इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 लागू कर दी है।


प्रशासन की कार्रवाई

DM स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि सुबह 5 बजे तक ट्रैफिक जाम रहा, जिससे दतिया, झांसी, शिवपुरी और ग्वालियर के चार जिलों पर असर पड़ा। ग्वालियर सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां कई एम्बुलेंस जाम में फंसी रहीं। उन्होंने कहा, "हमने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे सुनने को तैयार नहीं थे।"


जब प्रदर्शनकारी नहीं माने, तो प्रशासन ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान आठ पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए और कई पुलिस वाहनों के शीशे टूट गए।


पुलिस की स्थिति

SP मयूर खंडेलवाल ने बताया कि 3000 से अधिक उपद्रवियों ने दतिया में माहौल खराब करने की कोशिश की। उन्होंने बाजार बंद कराने का प्रयास किया और 'चक्का जाम' के लिए बैठे रहे। पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिसके बाद स्थिति और बिगड़ गई।


उन्होंने कहा, "हमने उन्हें चेतावनी दी थी, लेकिन जब उन्होंने पत्थरबाज़ी शुरू की, तो हमें कार्रवाई करनी पड़ी।"


नरोत्तम मिश्रा का राजनीतिक सफर

नरोत्तम मिश्रा, जो राज्य के पूर्व गृह मंत्री रह चुके हैं, 2008 से दतिया विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने 1990 में डबरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा।


मिश्रा ने कई बार पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को हराया है और विभिन्न मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभाली है। हालांकि, 2009 में उन्होंने गुना सीट से लोकसभा चुनाव हार गए थे। आगामी मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में उनका मुकाबला फिर से कांग्रेस के राजेंद्र भारती से होगा।