मध्य प्रदेश में प्री-मॉनसून ने बरसाई बारिश, मानसून की दस्तक की तैयारी
मध्य प्रदेश में प्री-मॉनसून की बारिश
भोपाल: मध्य प्रदेश में मॉनसून की शुरुआत से पहले ही प्री-मॉनसून ने जून में बारिश का कोटा पूरा कर दिया है। इस दौरान राज्य के कई क्षेत्रों में भारी तबाही देखने को मिली है। आंधी और बारिश के कारण कई पेड़ गिर गए, टावरों को नुकसान हुआ और बिजली गिरने से लोगों और मवेशियों की जानें गईं। जबकि असली मॉनसून की एंट्री अभी बाकी है। अनुमान है कि 15 जून तक प्रदेश में मॉनसून दस्तक दे सकता है, जबकि पिछले साल यह 16 जून को आया था।
जून में बारिश का कोटा पूरा
मॉनसून के आगमन से पहले प्री-मॉनसून ने मध्य प्रदेश में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। जून की शुरुआत से ही प्री-मॉनसून सक्रिय रहा है, और इस महीने में बारिश का कोटा 65 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। राज्य में औसतन आधा इंच से अधिक बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार, सामान्य 8.3 एमएम की तुलना में औसत 13 एमएम अधिक बारिश दर्ज की गई है।
भोपाल, शाजापुर और आगर मालवा में पहले से ही 2 इंच बारिश हो चुकी है। नीमच में 2.5 इंच बारिश हुई है। इसके अलावा सीधी, सतना, बुरहानपुर, हरदा, रायसेन, नीमच, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर और सीहोर में 1 इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि 7 जून को मॉनसून महाराष्ट्र पहुंच चुका है। मध्य प्रदेश में यह 15 से 17 जून के बीच पहुंच सकता है। मॉनसून दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों जैसे बालाघाट, डिंडौरी, मंडला और शहडोल से एंट्री ले सकता है। मौसम विभाग ने सोमवार को चंबल क्षेत्र के ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड और श्योपुर में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।
इसके अलावा भोपाल, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली, सागर, दमोहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, सिवनी, पांढुर्ना, छिंदवाड़ा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, बड़वानी और खरगौन में भी आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों को सतर्क रहने के लिए कहा है, ताकि बिजली गिरने की घटनाओं के दौरान वे पेड़ के नीचे या खुले आसमान के नीचे न जाएं, बल्कि सुरक्षित स्थान पर रहें।
