मध्य प्रदेश में क्रूज बोट हादसे में मृतकों की संख्या 13 हुई

मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में बरगी बांध पर हुए क्रूज बोट हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। रविवार को एक 5 साल के बच्चे और उसके चाचा के शव बरामद हुए। इस घटना के बाद व्यापक बचाव कार्य चलाया गया है, जिसमें सेना और NDRF शामिल हैं। सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। चश्मदीदों ने सुरक्षा में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। जानें इस हादसे की पूरी जानकारी और बचाव कार्य की स्थिति।
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मध्य प्रदेश में क्रूज बोट हादसे में मृतकों की संख्या 13 हुई gyanhigyan

हादसे की जानकारी

मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में बरगी बांध पर हुए क्रूज बोट दुर्घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। रविवार की सुबह एक 5 वर्षीय बच्चे और उसके चाचा के शव पानी से निकाले गए। यह घटना गुरुवार शाम को आए भयंकर तूफान के कारण हुई, जिसमें 40 से अधिक यात्रियों से भरी बोट पलट गई।


बचाव कार्य की स्थिति

दुर्घटना के बाद सेना, NDRF और SDRF की टीमों ने व्यापक बचाव अभियान शुरू किया। रविवार को मयूरम (5) और उसके चाचा कामराज के शव मिलने के साथ अब तक कुल 13 शव बरामद किए जा चुके हैं। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, बोट पर 43 लोग सवार थे, जिनमें से 28 को सुरक्षित बचा लिया गया है। सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।


सरकार की जांच के आदेश

मध्य प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि यह बोट 2006 मॉडल की थी और इसे इस तरह से डिजाइन किया गया था कि यह कभी डूबे नहीं। सरकार का कहना है कि यह हादसा अचानक आए तेज तूफान और लहरों के कारण हुआ। फिर भी, मामले की गंभीरता को देखते हुए एक व्यापक जांच शुरू की गई है और क्रूज के तीन सदस्यों को निलंबित कर दिया गया है। जांच टीम एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।


चश्मदीदों के आरोप

हादसे में बची एक पर्यटक संगीता कोरी ने कहा कि क्रूज पर सुरक्षा के इंतजाम बहुत खराब थे। उन्होंने आरोप लगाया कि यात्रियों को पहले से लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी। जब बोट में पानी भरने लगा, तब क्रू मेंबर्स ने जैकेट बांटना शुरू किया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। लोगों का मानना है कि यदि समय पर सुरक्षा नियमों का पालन किया गया होता, तो कई जानें बचाई जा सकती थीं।