मध्य प्रदेश में कुत्ते ने मालिक की बाघ से बचाई जान

मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में एक पालतू कुत्ते ने अपने मालिक की जान बाघ से बचाई। जब बाघ ने युवक पर हमला किया, तब कुत्ते ने भौंककर बाघ को डराया, जिससे युवक को गंभीर चोटें नहीं आईं। यह घटना गांव में पहली बार हुई है और स्थानीय लोगों में डर पैदा कर दिया है। जानें इस अद्भुत घटना के बारे में और अधिक।
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मध्य प्रदेश में कुत्ते ने मालिक की बाघ से बचाई जान

कुत्ते की बहादुरी से बचा युवक

मध्य प्रदेश में कुत्ते ने मालिक की बाघ से बचाई जान


मध्य प्रदेश में एक पालतू कुत्ते ने अपने मालिक की जान एक बाघ से बचाई। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक युवक पर रात के समय अचानक बाघ ने हमला कर दिया। लेकिन कुत्ते की बहादुरी के कारण युवक को गंभीर चोटें नहीं आईं। जब बाघ ने हमला किया, तब कुत्ते ने जोर-जोर से भौंकना शुरू कर दिया, जिससे बाघ डरकर जंगल की ओर भाग गया।


जंगल में बाघ का हमला

यह घटना सिवनी जिले के पारसपानी गांव की है, जहां पंचम नाम का युवक रात में शौच के लिए जंगल गया था। उसके साथ उसका पालतू कुत्ता भी था। अचानक, बाघ ने पंचम पर हमला कर दिया।


पंचम को मामूली चोटें आईं

जब बाघ ने पंचम पर हमला किया, तब कुत्ता लगातार भौंकता रहा। कुत्ते की आवाज सुनकर गांव के लोग भी वहां पहुंचे, जिससे बाघ डर गया और भाग गया। बाघ ने पंचम के सिर और हाथ पर हमला किया, जिससे उसे हल्की चोटें आईं।


हमले की पुष्टि

वनमंडल अधिकारी टी एस सुलिया ने बताया कि शनिवार को 22 वर्षीय युवक अपने कुत्ते के साथ जंगल में गया था, जहां बाघ ने उस पर हमला किया। कुत्ते की भौंकने की वजह से और गांव वालों के आने पर बाघ भाग गया। गांव वालों ने पंचम को घायल अवस्था में देखकर उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में इलाज के बाद पंचम को डिस्चार्ज कर दिया गया।


बाघ आदमखोर नहीं था

टी एस सुलिया ने बताया कि बाघ आदमखोर नहीं था। यदि पंचम के साथ उसका कुत्ता नहीं होता, तो उसे गंभीर चोटें आ सकती थीं। पंचम का गांव जंगल के निकट है, जहां कई जंगली जानवर रहते हैं। यह घटना गांव में पहली बार हुई है, जिससे स्थानीय लोगों में डर पैदा हो गया है।