मध्य प्रदेश के गांव में सास-ससुर और बहुओं के झगड़े खत्म करने की अनोखी पहल
गांव में शांति लाने के लिए अनोखी योजना
मध्य प्रदेश के सीधी जिले के पनवार चौहानन गांव में सास-ससुर और बहुओं के बीच अक्सर झगड़े होते थे। बुजुर्गों की इस समस्या को हल करने के लिए गांव वालों ने एक अनोखी पहल की। यहां के लोगों ने मिलकर एक योजना बनाई जिससे अब गांव में शांति का माहौल है।
सास-ससुर की सेवा के लिए पुरस्कार योजना
गांव के सरपंच ने बताया कि यहां लगभग 3200 लोग निवास करते हैं और सास-ससुर और बहुओं के बीच झगड़ों की खबरें आम थीं। इस समस्या को सुलझाने के लिए ग्रामीणों ने एक बैठक की और एक अनोखा निर्णय लिया। उन्होंने बहुओं को सास-ससुर की सेवा करने पर पुरस्कार देने का निर्णय लिया।
इस योजना के तहत, जो बहू अपने सास-ससुर की सबसे अच्छी सेवा करेगी, उसे पूरे गांव में सम्मानित किया जाएगा। इस पहल ने काम किया और बहुएं अपने सास-ससुर का ध्यान रखने लगीं।
पुरस्कार के लिए बहुओं की सेवा
यह पहल 24 जनवरी 2023 को शुरू हुई थी। हर 26 जनवरी और 15 अगस्त को उस बहू को सम्मानित किया जाएगा जो अपने सास-ससुर की सबसे ज्यादा सेवा करेगी। इस योजना को सफल बनाने के लिए एक निगरानी समिति भी बनाई गई है।
इस पहल के शुरू होने के दो महीने बाद ही सकारात्मक परिणाम दिखने लगे। गांव में झगड़े बंद हो गए और महिलाएं पुरस्कार जीतने के लिए अपने सास-ससुर की सेवा करने लगीं।
राजकुमारी यादव को मिला पुरस्कार
35 वर्षीय बहू राजकुमारी यादव को इस पहल के तहत पुरस्कार मिला है। दिसंबर 2021 में उनके 67 वर्षीय ससुर को दिल का दौरा पड़ा था। उस समय राजकुमारी के पति किसी काम से बाहर थे।
राजकुमारी ने घबराहट को काबू में रखते हुए अपने ससुर को प्राथमिक उपचार दिया और उन्हें जबलपुर के एक प्राइवेट अस्पताल ले गई। उनकी बहू की हिम्मत से ससुर की जान बच गई। अब अन्य बहुएं भी राजकुमारी से प्रेरणा लेकर अपने सास-ससुर की सेवा कर रही हैं।
