मध्य पूर्व में युद्ध का 9वां दिन: इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता संघर्ष
खूनी संघर्ष का 9वां दिन
आज युद्ध का 9वां दिन है, और यह दिन भीषण संघर्ष से भरा रहा। मध्य पूर्व में आग और धुएं के बादल छाए हुए हैं। अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सेनाओं ने ईरान की राजधानी तेहरान के प्रमुख तेल भंडारों और ईंधन भंडारण स्थलों पर गंभीर हमले किए, जिससे शहर के कई हिस्सों में आग लग गई और आसमान काला हो गया।
इजरायली सेना (IDF) ने यह दावा किया है कि उन्होंने तेहरान के उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्रों में स्थित कई तेल भंडारण स्थलों को निशाना बनाया, जो ईरान की सैन्य आपूर्ति के लिए उपयोग किए जा रहे थे। ईरानी मीडिया और सरकारी सूत्रों ने पुष्टि की है कि शहरान (Shahran) तेल डिपो सहित कम से कम तीन बड़े ईंधन डिपो पर हमले हुए हैं, जहां से आग की लपटें और घना धुआं उठता देखा गया। ये हमले युद्ध की शुरुआत के बाद ईरान के ऊर्जा ढांचे पर पहला बड़ा हमला माने जा रहे हैं।
इसके जवाब में, ईरान ने रातभर खाड़ी देशों पर ड्रोन और मिसाइलों की बौछार की। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ईंधन टैंकों पर ईरानी ड्रोन हमले से आग लग गई, जबकि सऊदी अरब की राजधानी रियाद में डिप्लोमैटिक क्षेत्र को निशाना बनाने की कोशिश की गई, हालांकि कई ड्रोन को मार गिराया गया। यूएई, बहरीन, कतर और अन्य GCC देशों ने भी ईरानी ड्रोन और मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने की सूचना दी, लेकिन कुछ हमलों से नुकसान हुआ। ईरान ने कहा कि ये हमले अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से सख्त लहजे में कहा कि युद्ध तब तक समाप्त नहीं होगा जब तक ईरान के नेता 'सरेंडर' नहीं करते और 'क्राई अंकल' नहीं कहते। उन्होंने ईरान की सैन्य क्षमता को 'डिसाइमेटेड' बताया और बड़े हमलों की चेतावनी दी। इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि 'और भी कई सरप्राइज' बाकी हैं।
ईरान की ओर से जवाबी हमलों में लेबनान में भी इजरायली ठिकानों पर कार्रवाई की गई, जबकि क्षेत्रीय तनाव चरम पर है। तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
9वें दिन की यह लड़ाई अभी थमने के संकेत नहीं दिखा रही है। दोनों पक्षों से और हमलों की संभावना बनी हुई है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
