मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य कार्रवाई
मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव
मध्य पूर्व में कई हफ्तों से चल रहे नाजुक युद्धविराम के बीच, एक बार फिर से सैन्य गतिविधियों की आवाज सुनाई देने लगी है। अमेरिकी सेना ने सोमवार को बताया कि ईरान द्वारा एक अमेरिकी 'एमक्यू-1 प्रीडेटर' ड्रोन को गिराने के जवाब में, अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के रडार और ड्रोन नियंत्रण केंद्रों पर बमबारी की। इस हमले के बाद, ईरान ने भी अपनी सैन्य प्रतिक्रिया की पुष्टि की है। इसी बीच, कुवैत ने भी सोमवार तड़के अपने ऊपर ड्रोन और मिसाइल हमले का दावा किया है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। कुवैत ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने इन हमलों को रोकने के लिए कार्रवाई की। यह स्थिति ईरान युद्ध में लागू युद्धविराम की नाजुकता को दर्शाती है।
अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता
अमेरिकी और ईरानी अधिकारी युद्धविराम की अवधि को बढ़ाने के लिए बातचीत कर रहे हैं, लेकिन हमले जारी हैं। ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ बनाए हुए है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इस जलडमरूमध्य से पहले वैश्विक तेल और गैस का एक बड़ा हिस्सा गुजरता था। स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है।
इजराइल और हिजबुल्ला की गतिविधियाँ
इजराइल ने लेबनान में लितानी नदी के आगे भी कब्जा कर लिया है, जबकि हिजबुल्ला इजराइल में ड्रोन हमले जारी रखे हुए है। अमेरिकी सेना की 'सेंट्रल कमांड' ने शनिवार और रविवार को ईरान में गेरुक शहर और केशम द्वीप के आसपास हमले किए। 'सेंट्रल कमांड' ने कहा कि ये हमले ईरान की आक्रामक कार्रवाइयों के जवाब में किए गए थे।
अमेरिकी सेना की कार्रवाई
अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों, एक जमीनी नियंत्रण केंद्र और दो ड्रोन को नष्ट कर दिया जो क्षेत्रीय जलक्षेत्र में खतरा पैदा कर रहे थे। अमेरिकी सेना ने कहा कि इन हमलों में कोई अमेरिकी सैनिक हताहत नहीं हुआ। कुवैत ने भी अपनी वायु रक्षा प्रणालियों को सक्रिय किया है।
डोनाल्ड ट्रंप की स्थिति
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सलाहकारों के साथ शुक्रवार को बैठक की थी, लेकिन अभी तक यह तय नहीं किया गया है कि युद्धविराम की अवधि बढ़ाई जाए या नहीं। ट्रंप ने कहा कि ईरान वास्तव में समझौता करना चाहता है, जो अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए फायदेमंद होगा।
