मध्य पूर्व में अमेरिका की सैन्य तैनाती: एक नई स्थिति
अमेरिका की सैन्य तैनाती का विस्तार
23-24 फरवरी, 2026 को, अमेरिका ने मध्य पूर्व में 2003 के इराक आक्रमण के बाद से सबसे बड़ी नौसैनिक और वायु सेना तैनात की है। इस क्षेत्र में दो विमान वाहक स्ट्राइक समूह, USS Gerald R. Ford और USS Abraham Lincoln, मौजूद हैं। इसके अलावा, 120 से अधिक लड़ाकू विमान, कई विध्वंसक, क्रूजर और अन्य वायु रक्षा उपकरण भी तैनात किए गए हैं। यह तैनाती ईरान के परमाणु कार्यक्रम के विवाद से सीधे संबंधित है।
वर्तमान अमेरिकी तैनाती का पैमाना
नौसेना बल: अरब सागर, फारसी खाड़ी और पूर्वी भूमध्य सागर में कम से कम 16-20 सतह युद्धपोत। दो पूर्ण विमान वाहक स्ट्राइक समूह (2003 के बाद से सबसे बड़े)। वायु शक्ति: पिछले 20 वर्षों में मध्य पूर्व में वायु शक्ति का सबसे बड़ा एकल आंदोलन हुआ है, जिसमें 120 से अधिक अतिरिक्त अमेरिकी विमान शामिल हैं, जैसे F-22, F-35, F-15 और B-2 समर्थित विमान।
लक्ष्य: पेंटागन के अनुसार, यदि कूटनीति विफल होती है, तो यह तैनाती राष्ट्रपति को ईरानी परमाणु सुविधाओं, बैलिस्टिक मिसाइल स्थलों और संबंधित बुनियादी ढांचे पर "उच्च गतिशीलता" हमले शुरू करने का विकल्प देती है। यह क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य एकत्रीकरण का सबसे बड़ा दृश्य है।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना
अमेरिका का घोषित उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने बार-बार कहा है कि ईरान को "शून्य समृद्धि" स्वीकार करनी चाहिए या "गंभीर परिणामों" का सामना करना पड़ेगा। ओमान द्वारा मध्यस्थता की गई अप्रत्यक्ष वार्ताएँ जारी हैं, जिनका अगला दौर 26 फरवरी 2026 को जिनेवा में निर्धारित है।
भारत और दक्षिण कोरिया की निकासी सलाह
भारतीय दूतावास ने पिछले 48 घंटों में सभी भारतीय नागरिकों, छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यवसायियों और पर्यटकों को तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह दी है। दक्षिण कोरिया ने भी अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी है।
लेबनान में अमेरिकी दूतावास ने सभी गैर-जरूरी कर्मचारियों और योग्य परिवार के सदस्यों की निकासी का आदेश दिया है। 23 फरवरी को लगभग 32-50 लोगों को निकाला गया।
USS Gerald R. Ford पर "बाथरूम युद्ध"
USS Gerald R. Ford पर "बाथरूम युद्ध" की वायरल कहानी अमेरिका के सबसे नए और महंगे विमान वाहक पर वास्तविक, अच्छी तरह से प्रलेखित प्लंबिंग समस्याओं से उत्पन्न हुई है। इस जहाज में लगभग 650 शौचालय हैं जबकि चालक दल की संख्या लगभग 4,600-5,000 है।
इसकी लंबी तैनाती के दौरान, शौचालय अक्सर खराब हो जाते हैं, जिसके कारण लंबी कतारें और ओवरफ्लो की समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। यह समस्या डिज़ाइन से संबंधित है और इसे उच्च-गति संचालन के दौरान पूर्ण रखरखाव की असंभवता से बढ़ा दिया गया है।
आगे के दो रास्ते: समझौता या सीमित संघर्ष
अमेरिकी और ओमानी अधिकारियों ने दो संभावित विकल्पों की पुष्टि की है: जिनेवा में एक समझौता या यदि वार्ताएँ विफल होती हैं, तो सीमित सैन्य अभियान। अधिकांश विश्लेषकों का मानना है कि यह 10-15 दिनों के हवाई हमलों और मिसाइल हमलों का अभियान होगा।
ईरान ने अपने संवेदनशील नए सुविधाओं पर ठोस ढालें बनाई हैं, जो बंकर-बस्टर गोला-बारूद के प्रभाव को कम करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं।
