मदुरै में 107 वर्षीय बरगद के पेड़ का अनोखा जन्मदिन समारोह
बरगद के पेड़ का जन्मदिन मनाने का अनूठा तरीका
तमिलनाडु के मदुरै में, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक कार्यकर्ताओं और स्थानीय छात्रों ने 107 वर्ष पुराने बरगद के पेड़ का जन्मदिन मनाकर वृक्ष संरक्षण का एक अनोखा संदेश दिया। इस विशेष अवसर को हरित प्रकृति महोत्सव के रूप में मनाया गया, जिसका आयोजन जल निकाय संरक्षण आंदोलन और अन्य जनकल्याण ट्रस्टों द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का नेतृत्व और महत्व
सेल्लूर तालाब के पास सेल्लूर-कुलमंगलम मार्ग पर मीनाक्षीपुरम क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन जल निकाय संरक्षण आंदोलन के संस्थापक अबूबकर ने किया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह पेड़ आसपास का एकमात्र ऐसा पेड़ है, जो सौ वर्ष से अधिक पुराना है। इससे पहले, सड़क चौड़ीकरण और पार्क निर्माण के लिए कम से कम सात अन्य बरगद के पेड़ काटे जा चुके हैं।
जागरूकता फैलाने का प्रयास
कार्यकर्ताओं ने 2019 से हर साल इस पेड़ का जन्मदिन मनाने का निर्णय लिया है, ताकि भविष्य में किसी भी आधारभूत ढांचा परियोजना के लिए इसकी कटाई न हो। इस अवसर पर, स्थानीय लोग और राजाजी मिडिल स्कूल के छात्र एकत्रित होकर केक काटते हैं, मिठाइयां बांटते हैं और प्रकृति के संरक्षण का संकल्प लेते हैं। कार्यक्रम के दौरान, बरगद के पेड़ को सजाया गया।
छात्रों को उपहार और पेड़ की सुरक्षा
आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल छात्रों को नोटबुक और पौधे भी वितरित किए। इस दौरान, कार्यकर्ताओं ने बताया कि पेड़ के आसपास फेंके गए कचरे को जलाने से उसे नुकसान हो रहा है। इसके अलावा, ऊपर से गुजरने वाली बिजली की लाइनों के कारण बिजली बोर्ड के कर्मचारियों द्वारा समय-समय पर शाखाओं की कटाई और स्थानीय त्योहारों के दौरान पटाखों से होने वाला ध्वनि प्रदूषण भी पेड़ के लिए खतरा बना हुआ है।
एक अन्य बरगद का गिरना
इस बीच, करूर जिले के कुलिथलाई क्षेत्र में लगभग 200 वर्ष पुराना एक बरगद का पेड़ गिर गया, जिससे दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
