मदर्स डे: एना जार्विस की कहानी और इसका विरोध

मदर्स डे, जो मई के दूसरे रविवार को मनाया जाता है, की शुरुआत एना जार्विस ने की थी। हालांकि, उन्होंने इसके बाद इसके व्यावसायीकरण के खिलाफ आवाज उठाई। जानें इस दिन का दिलचस्प इतिहास और एना का संघर्ष, जिसने इस दिन को एक विशेष महत्व दिया। क्या आज मदर्स डे की असली भावना बची है? इस लेख में जानें।
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मदर्स डे: एना जार्विस की कहानी और इसका विरोध gyanhigyan

मदर्स डे का महत्व और इतिहास

मदर्स डे हर साल मई के दूसरे रविवार को भारत सहित विश्वभर में मनाया जाता है। इसकी शुरुआत अमेरिका से हुई थी, जहां लोग इस दिन अपनी माताओं के प्रति प्रेम और सम्मान प्रकट करते हैं। हालांकि, इस दिन का इतिहास काफी दिलचस्प और विरोधाभासी है। एना जार्विस, जिन्होंने इस दिन की शुरुआत की, बाद में इसके खिलाफ खड़ी हो गईं।


मदर्स डे की शुरुआत कैसे हुई?

मदर्स डे माताओं को समर्पित एक विशेष दिन है, जब लोग उन्हें धन्यवाद देते हैं और उपहार देते हैं। इसकी औपचारिक शुरुआत 1908 में अमेरिका के वेस्ट वर्जीनिया में हुई। 1914 में, राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने इसे राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया, और तब से यह परंपरा बन गई।


एना जार्विस का योगदान

एना जार्विस ने मदर्स डे की शुरुआत की। उनकी मां एन रीव्स जार्विस समाज सेवा में सक्रिय थीं। एना ने अपनी मां की मृत्यु के बाद इस दिन को मनाने का निर्णय लिया। 1908 में, उन्होंने पहला मदर्स डे कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें सफेद कार्नेशन का उपयोग किया गया।


आधिकारिक मान्यता

एना ने कई वर्षों तक इस दिन के महत्व को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलाया। उनके प्रयासों के फलस्वरूप, 1914 में अमेरिकी सरकार ने इसे आधिकारिक मान्यता दी। इसके बाद, यह दिन अन्य देशों में भी मनाया जाने लगा।


एना का विरोध

हालांकि, एना जार्विस ने जिस दिन की शुरुआत की, उसी का उन्होंने बाद में विरोध किया। उनका विरोध इस दिन के व्यावसायीकरण के कारण था। जैसे-जैसे मदर्स डे लोकप्रिय हुआ, कंपनियों ने इसे अपने लाभ के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। एना ने इस पर कई बार सार्वजनिक रूप से विरोध किया।


एना की गिरफ्तारी

एना ने अपने विरोध के लिए कई कदम उठाए, जिसमें प्रदर्शन और आयोजनों को रोकने की कोशिश शामिल थी। इसी कारण उन्हें एक बार गिरफ्तार भी किया गया। उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा इस दिन की असली भावना को बनाए रखने के लिए समर्पित किया।


मदर्स डे का वैश्विक विस्तार

मदर्स डे अब अमेरिका से बाहर निकलकर दुनिया भर में मनाया जाता है। भारत में भी यह दिन पिछले कुछ दशकों में लोकप्रिय हुआ है। लोग अपनी माताओं को उपहार देते हैं और विशेष कार्यक्रम आयोजित करते हैं।


आज का मदर्स डे

आज मदर्स डे एक बड़ा व्यावसायिक अवसर बन गया है, लेकिन इसकी असली भावना कहीं खो गई है। यह दिन माताओं के प्रति आभार व्यक्त करने का एक अवसर है। हमें याद रखना चाहिए कि मां का सम्मान केवल एक दिन नहीं, बल्कि हर दिन होना चाहिए।