मणिपुर में सुरक्षा बलों का अभियान: हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी पर कार्रवाई

मणिपुर में सुरक्षा बलों ने हाल ही में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण पाने के लिए अभियान चलाया। चुराचंदपुर और चंदेल जिलों में की गई कार्रवाई में हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के प्रयासों को विफल किया गया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से कई हथियार और नशीले पदार्थ बरामद किए। यह अभियान राज्य में बढ़ती जातीय हिंसा के बीच चलाया जा रहा है, जिसमें कई लोग प्रभावित हुए हैं।
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मणिपुर में सुरक्षा बलों का अभियान: हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी पर कार्रवाई gyanhigyan

मणिपुर में सुरक्षा बलों की कार्रवाई

मणिपुर में शांति स्थापित करने और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण पाने के लिए सुरक्षा बलों का अभियान जारी है। हाल ही में, चुराचंदपुर और चंदेल जिलों में दो अलग-अलग ऑपरेशनों के दौरान, सुरक्षा बलों ने न केवल हथियारों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया, बल्कि नशीले पदार्थों की तस्करी के एक बड़े प्रयास को भी नाकाम कर दिया।
 
पुलिस के अनुसार, आरोपियों को शुक्रवार को चूड़ाचांदपुर थाना क्षेत्र के टी बंगला एमवीसीपी इलाके से पकड़ा गया। बयान में कहा गया है कि उनके पास से एक कार्बाइन, एक 9 मिमी पिस्तौल, 1,800 किलोग्राम खसखस से भरे 36 बोरे और दो वाहन जब्त किए गए।


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दूसरी ओर, एक अन्य अभियान में सुरक्षा बलों ने चंदेल जिले के चकपिकारोंग थाना क्षेत्र में ताइजांग गांव के वन क्षेत्र से हथियारों और विस्फोटकों का जखीरा भी बरामद किया। इसमें एके-47 राइफल, चार देसी बंदूकें, सात मोर्टार, आईईडी बनाने के लिए सामग्री और पांच वॉकी-टॉकी सेट शामिल हैं।


मणिपुर में दो साल पहले जातीय हिंसा भड़कने के बाद से सुरक्षा बल लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। मई 2023 में मेइती और कुकी-जो समूहों के बीच हुई जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए और हजारों लोग बेघर हो गए।


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सुरक्षा बलों का मानना है कि इस तरह की बरामदगी से उपद्रवी तत्वों के इरादों को कमजोर करने और राज्य में अवैध हथियारों के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क के पीछे के मास्टरमाइंड का पता लगाया जा सके।