मणिपुर में आतंकवादियों का हमला, दो की हत्या

मणिपुर में हालिया हिंसा के एक नए मामले में संदिग्ध आतंकवादियों ने नागरिक वाहनों के काफिले पर हमला किया, जिसमें दो लोगों की हत्या हो गई। मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने इस घटना की निंदा करते हुए एनआईए जांच का आदेश दिया है। इस घटना के बाद विभिन्न समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया है, और सरकार ने शांति बनाए रखने की अपील की है। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और सरकार की प्रतिक्रिया।
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मणिपुर में आतंकवादियों का हमला, दो की हत्या gyanhigyan

मणिपुर में जारी हिंसा

मणिपुर में हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को उखरुल जिले में संदिग्ध आतंकवादियों ने नागरिक वाहनों के एक काफिले पर घात लगाकर हमला किया। यह घटना टी एम कासोम गांव के निकट लिटान पुलिस थाना क्षेत्र में हुई। इस हमले में दो व्यक्तियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतकों की पहचान ताशर गांव के सेवानिवृत्त सैनिक चिनाओशांग शोकवुंगनाओ और खारासोम गांव के यारुइंगम वाशुम के रूप में हुई है। हमले के दौरान काफिले में शामिल तीन वाहनों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा।


मुख्यमंत्री का एनआईए जांच का आदेश

मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने इस घटना की कड़ी निंदा की और इसे अत्यंत दुखद बताया। उन्होंने घोषणा की कि इस मामले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें आर्थिक सहायता देने का आश्वासन भी दिया है। इस बीच, गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम और मुख्यमंत्री स्वयं स्थिति पर नजर रख रहे हैं, और सुरक्षाबलों ने हमलावरों को पकड़ने के लिए इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।


समुदायों के बीच तनाव

इस दुखद घटना के बाद विभिन्न समूहों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। तंगखुल नागा लोंग की कार्यकारी समिति ने इस हमले के लिए कुकी समूहों को जिम्मेदार ठहराया है और घटना की कड़ी निंदा की है। दूसरी ओर, कुकी जो परिषद ने इन हत्याओं में अपने समुदाय की किसी भी तरह की संलिप्तता से पूरी तरह इनकार किया है। सरकार ने सभी समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की है ताकि स्थिति और न बिगड़े।